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दो बूंदों से सुरक्षित बचपन की ओर बढ़ा जीपीएम, राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, 53 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य

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जीपीएम जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को जिला चिकित्सालय में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने कहा कि ष्दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरारष् केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.के. सोनी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। अभियान के शुभारंभ के साथ ही जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य प्रारंभ किया गया। बूथों पर सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी निभाई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 53 हजार 490 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में 28 जून को सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि दूसरे एवं तीसरे चरण में 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए जिले भर में विशेष स्वास्थ्य दलों का गठन किया गया है, जिन्हें प्रत्येक गांव, मोहल्ले और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा पोलियो की दवा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली गई हैं। दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष दल तैनात किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे तो उसका पूरा सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि परिवार के शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाई जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि पोलियो की नियमित खुराक ही इस गंभीर बीमारी से बच्चों को स्थायी सुरक्षा प्रदान करती है। जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है।

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