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महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का गोंडी एवं हल्बी भाषा में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार

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मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से हुई चर्चा के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय भाषाओं में संवाद अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से बस्तर संभाग में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुंच सके।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया।

बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) एवं वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तीव्र गति से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे।

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