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जनसहयोग से 25 अनाथ बच्चों की शिक्षा का बीड़ा उठा रही श्रीराम सेवा समिति लोरमी

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लोरमी। शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और कोई भी बच्चा केवल आर्थिक अभाव या माता-पिता के साये से वंचित होने के कारण शिक्षा से दूर न रहे, इसी उद्देश्य के साथ श्रीराम सेवा समिति, लोरमी पिछले कई वर्षों से सराहनीय कार्य कर रही है। समिति ने इस वर्ष जनसहयोग से 25 अनाथ बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई है।

समिति के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल (मोदी) ने बताया कि संस्था प्रत्येक वर्ष जरूरतमंद एवं अनाथ बच्चों की पहचान कर उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करती है। पिछले वर्ष समिति ने 15 बच्चों की शिक्षा का लक्ष्य पूरा किया था, जबकि इस वर्ष इसे बढ़ाकर 25 बच्चों तक पहुंचाया गया है।

समिति द्वारा बच्चों को केवल स्कूल की फीस ही नहीं, बल्कि कॉपी-किताब, स्कूल बैग, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म एवं पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सामग्री भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इतना ही नहीं, स्कूल शिक्षा पूरी होने के बाद बच्चों की कॉलेज स्तर तक की पढ़ाई का खर्च भी समिति द्वारा उठाया जाता है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी शिक्षा बीच में न रुके।

समिति के अनुसार, जिन बच्चों के माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और जो अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं, ऐसे बच्चों को प्राथमिकता देकर उनकी शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इस पुनीत कार्य में समिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। साथ ही लोरमी नगर के अनेक दानदाता भी आर्थिक सहयोग देकर इस सामाजिक अभियान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

समिति का कहना है कि समाज के सामूहिक सहयोग से अनाथ बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाई जा सकती है। शिक्षा के माध्यम से इन बच्चों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक भविष्य देने का प्रयास ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

“शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का अधिकार है। आइए, मिलकर अनाथ बच्चों के सपनों को नई उड़ान दें और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें।”