Home छत्तीसगढ़ साय सरकार के सुशासन में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली आर्थिक मजबूती, 10,160...

साय सरकार के सुशासन में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली आर्थिक मजबूती, 10,160 हितग्राहियों के खातों में पहुँची 1.39 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनवासी एवं तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत पेण्ड्रारोड जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से 9 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 10 हजार 160 हितग्राहियों के बैंक खातों में 1 करोड़ 39 लाख 36 हजार 718 रुपये की राशि एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनवासी समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने, उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिले में 6593 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण के आधार पर बोनस राशि का वितरण किया गया। पूरी भुगतान प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी माध्यम से संपन्न होने से हितग्राहियों को बिना किसी विलंब के सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त हुई, जिससे संग्राहकों में प्रसन्नता का वातावरण है।

वनमंडल अधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक श्रीमती ग्रीष्मी चांद के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान से हजारों वनवासी परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। प्राप्त बोनस राशि का उपयोग हितग्राही कृषि कार्यों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक घरेलू जरूरतों की पूर्ति में कर सकेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पारिश्रमिक का भुगतान 4 हजार रुपये प्रति मानक बोरा की दर से पहले ही किया जा चुका था। अब प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि के भुगतान से तेन्दूपत्ता संग्राहकों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। इससे न केवल वनवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं हितग्राही-केंद्रित नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से बोनस राशि उपलब्ध कराना इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है, जो वनवासी समुदाय के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय जोड़ रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here