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जनजातीय विभाग की बड़ी पहल: प्रदेश में वर्ष 2027 तक नए स्वरूप में 450 आश्रम-छात्रावास बनकर होंगे तैयार: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा

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आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने गुरुवार को विभागीय योजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, संवेदनशील, गुणवत्तापूर्ण और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि यह गौरव की बात है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में वर्ष 2027 तक 450 नए आश्रम एवं छात्रावास भवन तैयार किए जाएंगे। जिससे दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के लाखों विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी छह माह में 150 आश्रम-छात्रावास भवनों का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को समय पर आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बैठक में आश्रम-छात्रावासों में लगभग 1000 पोषण वाटिका उपवन माह सितम्बर तक पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। विभागीय समीक्षा में अधोसंरचना निर्माण और छात्रावासों के संचालन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने निर्माण कार्य में धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की।

बैठक में प्रमुख सचिव ने छात्रावास एवं आश्रमों के संचालन की गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इन प्रशिक्षणों में विशेष रूप से नवनियुक्त अधीक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे सेवा के प्रारंभिक चरण से ही विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी कार्यशैली विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल प्रशासनिक औपचारिकता न होकर व्यक्तित्व विकास और व्यवहार परिवर्तन का माध्यम बने। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम से कम दो प्रतिष्ठित मोटिवेशनल स्पीकर को आमंत्रित किया जाए, जो अधीक्षकों को नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच, संवाद कौशल और छात्र-छात्राओं के साथ मानवीय व्यवहार के विषय में मार्गदर्शन दें।

छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य और शिक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधीक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से छात्राओं के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने के भी प्रशिक्षण देने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी गंभीरता से निभाई जाए।

कुकिंग और पोषण पर भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
समीक्षा बैठक में छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुकिंग एवं न्यूट्रिशन से संबंधित विशेष सत्र आयोजित किए जाएं। अधीक्षकों एवं भोजन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को मौसम के अनुरूप संतुलित एवं पौष्टिक मेन्यू तैयार करने की जानकारी दी जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्थानीय उपलब्ध खाद्य सामग्री के आधार पर पौष्टिक भोजन मिल सके और उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार आए।

जनजाति गौरव दिवस और राज्योत्सव की तैयारियां अभी से शुरू करने के निर्देश
बैठक में सांस्कृतिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय गौरव दिवस, राज्योत्सव तथा अन्य प्रमुख आयोजनों की तैयारियां अभी से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नृत्य दलों एवं अन्य सांस्कृतिक दलों का नियमित प्रशिक्षण कराया जाए, ताकि प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में किया जा सके।

गुणवत्ता, समयबद्धता और संवेदनशीलता पर रहेगा विशेष फोकस
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया कि विभाग की सभी योजनाओं का अंतिम उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए अधोसंरचना निर्माण, छात्रावास संचालन, प्रशिक्षण, शिक्षा, पोषण और सांस्कृतिक विकास जैसे सभी आयामों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर बैठक में अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम के एमडी डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त श्री डी. राहुल वेंकट, टीआरटीआई की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त सचिव श्री बी.के. राजपूत एवं श्री अनुपम त्रिवेदी, अपर संचालक श्री संजय गौड़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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