Home छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने पर...

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर: प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

 

धान खरीदी, खाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास की हुई समीक्षा

रायपुर,

आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को समय से पहले अंतिम रूप देने और किसानों को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) में प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में धान खरीदी, खाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन तथा शाखावार कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।

बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत उपार्जित धान के निराकरण, मिलर्स द्वारा धान उठाव, भारतीय खाद्य निगम एवं नान में चावल जमा, कस्टम मिलिंग, परिवहन व्यवस्था तथा समितियों में उपलब्ध शेष धान की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को धान के समयबद्ध निराकरण एवं भंडारण क्षमता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आगामी खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपार्जन केंद्रों की अधोसंरचना, बारदाना उपलब्धता, आवश्यक उपकरण, मानव संसाधन, किसान पंजीयन, सीसीटीवी, इंटरनेट एवं विद्युत व्यवस्था को समय पर पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता, समितिवार वितरण, भंडारण, स्टॉक सत्यापन, परिवहन व्यवस्था तथा आगामी सीजन की मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लेखा शाखा की समीक्षा के दौरान आय-व्यय, वित्तीय स्थिति, लंबित देयकों की वसूली, भुगतान, ऑडिट आपत्तियों के निराकरण, बैंक मिलान तथा लंबित अग्रिम राशि के समायोजन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही समितियों के लंबित प्रकरणों, शिकायतों एवं विभागीय निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा कर शाखावार जिम्मेदारियां और समय-सीमा निर्धारित की गई।

प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी ने सभी शाखा एवं कक्ष प्रभारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें, व्यवसायिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा आगामी समीक्षा बैठक में अद्यतन प्रगति प्रस्तुत करें।