Home छत्तीसगढ़ रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया शांति, पवित्रता और सद्भाव का संदेश

रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया शांति, पवित्रता और सद्भाव का संदेश

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

रायपुर : रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया शांति, पवित्रता और सद्भाव का संदेश

 

 

 

 

 

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव को बांधा रक्षा सूत्र, आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर सकारात्मक जीवन का दिया संदेश

रायपुर, 27 अगस्त 2026

 

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बैकुंठपुर की बहनों ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव से सौजन्य भेंट कर उन्हें रक्षा सूत्र बांधा तथा आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर शांति, पवित्रता और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रेम, भाईचारे और आत्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।

कलेक्टर कक्ष में आयोजित इस आत्मीय कार्यक्रम में गढ़ेलपारा, बैकुंठपुर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बी.के. सुनीता, बी.के. राजकुमारी, बी.के. ममता, बी.के. रूपा एवं बी.के. वासु उपस्थित रहीं। उन्होंने रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के पारिवारिक रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और परमात्मा से जुड़ने का पावन अवसर बताया।

इस अवसर पर बी.के. रूपा ने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश आत्मा की पवित्रता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों का त्याग कर मन में शांति, प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक विचारों को स्थान देना ही इस पर्व की सच्ची भावना है। रक्षा सूत्र हमें श्रेष्ठ संस्कारों और मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

ब्रह्माकुमारी बहनों ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, एसडीएम श्री उमेश पटेल तथा जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री विजय मानिकपुरी के मस्तक पर आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा और उनके सुखद, सफल एवं मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्हें ईश्वरीय प्रसाद तथा आध्यात्मिक ज्ञान संदेश की पुस्तकें भी भेंट की गईं।

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेहपूर्ण रिश्ते के साथ-साथ समाज में प्रेम, सम्मान, विश्वास और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा का संकल्प नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान, आत्मीयता और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा दिए गए आध्यात्मिक संदेश की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरक विचार समाज में शांति, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रक्षाबंधन के इस आध्यात्मिक मिलन ने प्रेम, पवित्रता, भाईचारे और सकारात्मक जीवन मूल्यों को सशक्त बनाने का संदेश दिया तथा पर्व की गरिमा को और अधिक अर्थपूर्ण बना दिया।