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पशुपालन केसीसी से धमतरी के 93 पशुपालकों को मिली 98.62 लाख की वित्तीय संजीवनी

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​रायपुर : पशुपालन केसीसी से धमतरी के 93 पशुपालकों को मिली 98.62 लाख की वित्तीय संजीवनी

 

 

 

 

 

ग्रामीण आजीविका को मिली नई उड़ान

​रायपुर, 28 अगस्त 2026

धमतरी जिले में पशुपालन अब केवल जीवनयापन का सहायक जरिया नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और मुनाफा देने वाले मुख्य व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। पशुपालकों को समय पर आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए जिले में पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन और पशुधन विकास विभाग के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 93 पशुपालकों के कुल 98.62 लाख रूपए के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस पहल से पशुपालकों को अपनी दैनिक वित्तीय जरूरतों के लिए महंगे अनौपचारिक कर्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।

​इस योजना की सफलता में बैंकिंग संस्थाओं का विशेष योगदान रहा है, जिसमें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने सबसे आगे बढ़कर 82 पशुपालकों को 83.92 लाख रूपए से अधिक का ऋण प्रदान किया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने 5 पशुपालकों को 5.60 लाख रूपए, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 4 पशुपालकों को, यूको बैंक ने 1 हितग्राही को 2 लाख रूपए और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 हितग्राही को 1.50 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया है। समय पर पूंजी उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालक अब पशुओं के लिए बेहतर दाना-पानी, जरूरी दवाइयां, टीकाकरण और चिकित्सा जैसी देखभाल बिना किसी आर्थिक तंगी के कर पा रहे हैं।

​कलेक्टर ने योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का मुख्य आधार बताते हुए मैदानी अमले को गांव-गांव जाकर हर पात्र हितग्राही तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देशों पर अमल करते हुए पशुधन विकास विभाग की टीम ग्रामीणों से सीधे संपर्क कर उन्हें योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दे रही है। ऋण सुविधा के साथ-साथ पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वित्तीय मदद और तकनीकी मार्गदर्शन के इस बेहतर समन्वय से जिले में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।