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पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली पर जोर

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रायपुर : पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली पर जोर

 

 

 

 

 

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत एनएचएआई द्वारा कार्यशाला का आयोजन

रायपुर, 2 सितम्बर 2026

 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” थीम पर आयोजित कार्यशाला में आचरण नियमों, सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं तथा सीटीई (मुख्य तकनीकी परीक्षक) निरीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनएचएआई के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री आशीष नाथ ने कहा कि सतर्कता केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यप्रणाली में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ करने पर जोर दिया।

मेट्स यूनिवर्सिटी, रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. के.पी. यादव ने अपने व्याख्यान में कार्यस्थल पर नैतिकता, ईमानदारी और जिम्मेदार आचरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की दीर्घकालिक सफलता के लिए व्यावसायिक दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों का पालन भी आवश्यक है।

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सेवानिवृत्त अतिरिक्त महानिदेशक श्री श्याम सुंदर पोरवाल ने अपने संबोधन में अनुशासन, ईमानदारी और जवाबदेही को प्रभावी कार्यप्रणाली का आधार बताया। उन्होंने कहा कि निर्माण एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया और निर्धारित मानकों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

क्षेत्रीय अधिकारी, रायपुर, एनएचएआई श्री आलोक कुमार ने कहा कि सड़क एवं राजमार्ग निर्माण जैसे बड़े सार्वजनिक कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को बेहतर ढंग से संपादित करने के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर, कन्सेशनायर, अथॉरिटी इंजीनियर्स एवं कांट्रेक्टर सहित सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय और स्पष्ट जवाबदेही आवश्यक है। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रक्रियाओं, तकनीकी मानकों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सतर्कता संबंधी जागरूकता से सभी संबंधित पक्षों में अपने दायित्वों के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही की भावना मजबूत होती है तथा पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलता है। सतर्कता केवल अनियमितताओं की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करने का माध्यम है, जिसमें ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके।

कार्यशाला में एनएचएआई मुख्यालय के सतर्कता विभाग ने सतर्कता मामलों से संबंधित प्रक्रियाओं, शिकायतों के प्रभावी निपटारे तथा मुख्य तकनीकी परीक्षक के निरीक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। उन्होंने अधिकारियों एवं इंजीनियरों को सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों के व्यवहारिक अनुपालन और आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया।

कार्यशाला में श्री धर्मेंद्र कुमार राघव, जीएम विजिलेंस, एनएचएआई, श्री डॉ. अनिल दीक्षित, ज्वाइंट डायरेक्टर, आईसीएआर, डॉ. अर्जुन कदम, डीएसपी, सीबीआई, श्री संजय गौर, डीआईजी, बीएसएफ समेत क्षेत्रीय कार्यालय एवं समस्त पीआईयू के अधिकारी कर्मचारी, अथॉरिटी इंजीनियर्स, टीम लीडर्स, विशेषज्ञों तथा संबंधित कांट्रेक्टर के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।