Home छत्तीसगढ़ महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत...

महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

रायपुर : महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट

 

 

 

 

 

रायगढ़ की शर्मिला मिश्रा को मिली करीब 25 हजार रुपये की बचत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

रायपुर, 2 सितम्बर 2026

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें संपत्ति में अधिकार दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय का लाभ अब जमीन की रजिस्ट्री में भी दिखाई देने लगा है। महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने से रायगढ़ निवासी श्रीमती शर्मिला मिश्रा को जमीन की रजिस्ट्री में करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार महिलाओं के नाम पर होने वाली जमीन एवं अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क को आधा कर दिया गया है। पहले संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत की दर से लिया जाता था, जिसे अब महिलाओं के पक्ष में होने वाली रजिस्ट्री के लिए घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे महिलाओं को संपत्ति खरीदने और अपने नाम पर संपत्ति दर्ज कराने में सीधे आर्थिक राहत मिल रही है।

रजिस्ट्री के खर्च में सीधे मिली राहत

रायगढ़ की श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने इस सुविधा का लाभ लेते हुए जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री को प्रोत्साहित करने वाला यह निर्णय आर्थिक राहत देने के साथ-साथ महिलाओं के संपत्ति अधिकार को भी मजबूत करता है।

श्रीमती शर्मिला मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति होने से उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलती है। राज्य सरकार का यह निर्णय महिलाओं को संपत्ति में अधिक अधिकार देने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।