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प्रशासन की सख्ती का असर: तीन दिन में शासन के हक में आई 10.10 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि

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रायपुर : प्रशासन की सख्ती का असर: तीन दिन में शासन के हक में आई 10.10 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि

 

 

 

कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई तेज, रायगढ़ में 6.40 और पुसौर में 3.70 एकड़ भूमि हुई उपलब्ध

अनियमितता पाए जाने पर कॉलोनाइजर का लाइसेंस निरस्त, संबंधित भूखंडों के क्रय-विक्रय पर रोक

रायपुर, 11 सितम्बर 2026

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए निर्धारित भूमि में अनियमितता के मामलों को लेकर रायगढ़ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर चल रही जांच और कार्रवाई का असर महज तीन दिनों में सामने आया है। रायगढ़ और पुसौर तहसील में जांच के बाद करीब 10.10 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के हक में उपलब्ध कराई गई है। इसमें रायगढ़ तहसील की 6.40 एकड़ और पुसौर तहसील की 3.70 एकड़ भूमि शामिल है।

कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़ द्वारा दोनों तहसीलों में कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों को वैधानिक नोटिस जारी किए गए। इसके साथ ही ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों, भू-अभिलेखों और भूमि के लेखा-जोखा की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान तहसील रायगढ़ के ग्राम पण्डरीपानी पूर्व, बड़े अतरमुड़ा, बेन्द्राचुआं, खैरपुर और गोपालपुर में 7 खसरा क्रमांकों के अंतर्गत करीब 6.40 एकड़ तथा तहसील पुसौर के ग्राम पुसौर, छींच और गढ़उमरिया में 4 खसरा क्रमांकों के अंतर्गत करीब 3.70 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि उपलब्ध हुई है।

अनियमितता पर कॉलोनाइजर का लाइसेंस निरस्त

जिला प्रशासन ने ईडब्ल्यूएस भूमि से जुड़े मामलों में जांच के साथ-साथ नियमानुसार कार्रवाई भी शुरू कर दी है। तहसील रायगढ़ के बड़े अतरमुड़ा स्थित एक कॉलोनी के कॉलोनाइजर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने उसका कॉलोनाइजर लाइसेंस निरस्त कर दिया है। साथ ही संबंधित भूखंडों के क्रय-विक्रय पर स्थगन आदेश भी जारी किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित भूमि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रावधान है। इस भूमि का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कॉलोनाइजरों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ईडब्ल्यूएस भूमि को शासन के हक में सुरक्षित कराने की प्रक्रिया के साथ-साथ जिले में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच और आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से ईडब्ल्यूएस भूमि के संरक्षण के साथ ही कॉलोनाइजरों में नियमों के पालन को लेकर स्पष्ट और सख्त संदेश गया है।