रायपुर : नेशनल लोक अदालत में रायगढ़ जिले में 12 लाख से अधिक प्रकरणों का हुआ निराकरण
आपसी राजीनामे से पांच परिवारों का पुनः दाम्पत्य जीवन में हुआ पुनर्स्थापन, पक्षकारों को मिला त्वरित न्याय
रायपुर, 13 सितम्बर 2026
वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को प्रदेशभर में किया गया। लोक अदालत के माध्यम से लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का पक्षकारों की आपसी सहमति और राजीनामे के आधार पर निराकरण कर त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराया गया। इस दौरान रायगढ़ जिले में कुल 12 लाख 7 हजार 255 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत की मूल भावना आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर पक्षकारों को शीघ्र न्याय दिलाना है। इसी क्रम में लोक अदालत के दौरान कुटुम्ब न्यायालय, रायगढ़ में आपसी राजीनामे के आधार पर पांच परिवारों को पुनः दाम्पत्य जीवन में पुनर्स्थापित किया गया। विवादों के समाधान के साथ इन परिवारों को फिर से एक साथ आने का अवसर मिला। संबंधित परिवारों को सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र जैन द्वारा किया गया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक प्रकरणों का पक्षकारों के मध्य आपसी राजीनामे के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया तथा नेशनल लोक अदालत की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
*वर्चुअल माध्यम से भी हुआ प्रकरणों का निराकरण*
नेशनल लोक अदालत में वर्चुअल माध्यम से भी पक्षकारों की उपस्थिति दर्ज कराई गई। इसके माध्यम से आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया। तकनीक के उपयोग से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम और सुलभ बनाते हुए लोक अदालत की मूल भावना “न्याय आपके द्वार” को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया।
लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, फाइनेंस कंपनियों, विद्युत विभाग एवं बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अधिवक्तागण भी उपस्थित रहे। पक्षकारों को अपने प्रकरणों के त्वरित एवं आपसी सहमति से निराकरण के लिए आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। नेशनल लोक अदालत ने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के साथ न्याय व्यवस्था को अधिक जनसुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



