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बिहान योजना ने बदली किस्मत  

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रायपुर : बिहान योजना ने बदली किस्मत

 

 

 

 

 

4 आजीविका साधनों से प्रतिमाह 80 हजार कमाकर ‘लखपति दीदी’ बनीं छत्तीसगढ़ की नीतू साहू

रायपुर,15 सितंबर 2026

​सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी को मात देकर आत्मनिर्भर बनने का सपना देखने वाली महिलाओं के लिए छत्तीसगढ़ के बरमकेला विकासखंड के ग्राम रिसोरा की नीतू साहू एक प्रेरणा बनकर उभरी हैं। ‘बिहान योजना’ और स्व-सहायता समूह के संबल से उन्होंने न केवल अपनी मेहनत को हुनर में बदला, बल्कि आज वे हर महीने लगभग 80 हजार रुपये की आय अर्जित कर एक सफल ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान बना चुकी हैं।

​ऋण का सही उपयोग और बहुआयामी आजीविका

​’अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह’ और ‘सखी संकुल संगठन बुदेली’ से जुड़ने के बाद नीतू साहू ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का संकल्प लिया। उन्होंने संकुल संगठन से 1.20 लाख रुपये और बिहान योजना के तहत बैंक से 30 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि को किसी एक व्यवसाय में लगाने के बजाय उन्होंने रणनीतिक रूप से कई आजीविका गतिविधियों में निवेश किया।स्थानीय मांग को देखते हुए छोटे स्तर से मशरूम उत्पादन की शुरुआत,गांव के तालाब में मत्स्य पालन और गाय पालन के साथ दूध बिक्री का काम शुरू किया। इसके साथ ही ​मुर्गी पालन कर नियमित आय के स्रोत के रूप में इसे विकसित किया।

​इन चार अलग-अलग माध्यमों से मिलने वाली आय ने उनके परिवार को मजबूत आर्थिक आधार प्रदान किया और नीतू दीदी को गांव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल बना दिया।

​सेवा संकल्प अभियान और ‘आशीर्वाद का दीया’

​अपनी इस अभूतपूर्व सफलता और सरकारी योजनाओं से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नीतू साहू ‘सेवा संकल्प अभियान’ में उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। उन्होंने बताया कि वे 17 सितंबर को अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएंगी। उनके लिए यह दीया केवल रोशनी का प्रतीक नहीं, बल्कि उन अवसरों, सहयोग और संकल्प के प्रति कृतज्ञता का भाव है, जिसने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी।

​नीतू साहू दीदी की यह कहानी साबित करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन और योजनाबद्ध सहायता मिले, तो वे आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख सकती हैं।