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विशेष लेख : सेवा सेतु से साकार हो रहा सुशासन का संकल्प

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अम्बिकापुर : विशेष लेख : सेवा सेतु से साकार हो रहा सुशासन का संकल्प

 

 

 

 

 

एक ही मंच पर 900 से अधिक शासकीय सेवाएं, घर और गांव के नजदीक मिल रही सुविधाएं

अम्बिकापुर 19 सितम्बर 2026

 

नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की ‘सेवा सेतु’ पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक मंच पर लाते हुए अब प्रदेशवासियों को 900 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सेवाओं की पहुंच शहरों के साथ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ाई जा रही है। सेवा सेतु का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से राहत देना और सेवाओं को उनके घर अथवा नजदीकी केंद्र तक पहुंचाना है।

डॉली गंधर की कहानी, सेवा की उपयोगिता का उदाहरण

अम्बिकापुर निवासी सुश्री डॉली गंधर का अनुभव सेवा सेतु की उपयोगिता को सामने लाता है। उनके आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि के कारण बैंक खाता खुलवाने में परेशानी आ रही थी। बैंक खाता नहीं होने से छात्रवृत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी प्रभावित थी। डॉली ने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। आवश्यक प्रक्रिया के बाद आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि का निराकरण किया गया। अब उनके लिए बैंक खाता खुलवाने और छात्रवृत्ति से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाना आसान हो गया है। उन्होंने समस्या के समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। यह उदाहरण बताता है कि किसी दस्तावेज में छोटी सी त्रुटि भी नागरिक के लिए बैंकिंग, शिक्षा और अन्य शासकीय सुविधाओं तक पहुंच में बाधा बन सकती है। ऐसे मामलों में सेवा सेतु केंद्र समाधान तक पहुंचने का सरल माध्यम बन रहे हैं।

एक मंच पर अनेक सेवाएं

सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भू-अभिलेख एवं राजस्व संबंधी सेवाएं, नाम संशोधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा श्रम विभाग से जुड़ी सेवाओं सहित अनेक सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक ऑनलाइन आवेदन करने के साथ उसकी स्थिति भी देख सकते हैं। डिजिटल प्रमाण पत्रों में फत् आधारित सत्यापन, ैडै और ॅींजे।चच अलर्ट जैसी सुविधाएं सेवा प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने में सहायक हैं।

गांव तक पहुंच रही डिजिटल सेवा

सेवा सेतु की खासियत इसका ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इनमें विवाह प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई व्यवस्था और नाम परिवर्तन जैसी सेवाएं शामिल हैं। पंचायत सचिवों, सेवा सेतु केंद्र संचालकों और संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सेवा वितरण को मजबूत किया जा रहा है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जिला या तहसील मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी और समय व आने-जाने के खर्च की बचत होगी।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग व्यवस्था नागरिकों को अपने आवेदन की प्रगति जानने की सुविधा देती है। डिजिटल माध्यम से सेवा वितरण में मैनुअल प्रक्रिया कम करने, जवाबदेही बढ़ाने और कागज रहित व्यवस्था को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण की यह यात्रा 2003 में ब्भ्व्प्ब्म् के माध्यम से शुरू हुई और 2015 में ई-डिस्ट्रिक्ट के विस्तार के साथ आगे बढ़ी। सेवा सेतु इस व्यवस्था को व्यापक और एकीकृत स्वरूप देते हुए विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक मंच पर ला रहा है।

नागरिक के करीब पहुंचता शासन

सेवा सेतु का व्यापक उद्देश्य केवल सेवाओं को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि शासन और नागरिक के बीच की दूरी कम करना है। डॉली गंधर जैसे नागरिकों की समस्याओं का समाधान इस व्यवस्था की वास्तविक उपयोगिता को रेखांकित करता है। दस्तावेज संबंधी समस्या दूर होने से उनके लिए बैंक खाता और छात्रवृत्ति की राह आसान हुई। यही सेवा सेतु की मूल भावना हैकृसेवा को नागरिक के करीब लाना, प्रक्रिया को सरल बनाना और तकनीक के माध्यम से सुशासन को अधिक सुलभ बनाना।