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सेवा संकल्प अभियान : सपनों का भारत में बस्तर के 2,052 स्कूलों के सवा लाख से अधिक विद्यार्थियों ने की भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में भागीदारी

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रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : सपनों का भारत में बस्तर के 2,052 स्कूलों के सवा लाख से अधिक विद्यार्थियों ने की भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में भागीदारी

 

 

 

 

 

रायपुर, 20 सितम्बर 2026

 

बस्तर जिले में ‘सेवा संकल्प अभियान’ अंतर्गत 18 और 19 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय सपनों का भारत कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली स्तर पर आयोजित की गई ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला।  जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस पूरे अभियान के दौरान जिले के कुल सवा लाख से अधिक विद्यार्थियों ने चित्रकला एवं भाषण स्पर्धा में हिस्सा लिया। वहीं इस दौरान इन छात्र-छात्राओं के साथ ही विद्यार्थियों के माता-पिता, अभिभावक और जनप्रतिनिधियों सहित कुल एक लाख 48 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।

जिले के कुल 2,052 विद्यालयों में आयोजित इन बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजनों में एक लाख 26 हजार 342 छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा और ओजस्वी विचारों से सेवा व समर्पण का संदेश दिया। जिसमें 65,,298 ने चित्रकला और 61,044 छात्र छात्राओं ने भाषण में भाग लिया। सहभागिता के स्तर पर प्राथमिक वर्ग से 61,010 विद्यार्थी, पूर्व माध्यमिक स्तर से 32,194 छात्र तथा हाई एवं हायर सेकेंडरी स्तर से 33,138 किशोर प्रतिभागी शामिल हुए।

बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों ने भी बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में सहयोग दिया, जिसके चलते 18,951 अभिभावकों व प्रबुद्ध नागरिकों के साथ-साथ 3,124 जनप्रतिनिधियों ने विद्यालयों में उपस्थित रहकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। समुदाय और शिक्षण संस्थानों के इस साझा प्रयास ने न केवल विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त मंच दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में सेवा और संकल्प की भावना का भी संचार किया।

प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, सेना का शौर्य, महिला सशक्तिकरण और आगामी 25 वर्षों के सपनों के भारत यानी ‘विकसित भारत 2047’ जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर अपनी कल्पना और विचारों के माध्यम से देश के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर प्रस्तुत की।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनके सपनों का भारत ऐसा हो, जहां प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अनुकूल वातावरण मिले। इसके साथ ही प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों की संभावनाओं और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में इसके उपयोग पर विस्तार से अपने विचार रखे। स्वच्छता पर बोलते हुए बच्चों ने रेखांकित किया कि यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, क्योंकि स्वच्छ गांव, स्वच्छ शहर और स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ व विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

इसके अलावा विद्यार्थियों ने देश की सीमाओं की रक्षा में तत्पर भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और सर्वाेच्च समर्पण को नमन करते हुए उन्हें प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। वहीं माओवाद मुक्त भारत के विषय पर परिचर्चा करते हुए छात्र-छात्राओं ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति की आवश्यकता जताई और कहा कि शिक्षा, पक्की सड़कों, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तथा रोजगार के अवसरों को जन-जन तक पहुंचाकर ही क्षेत्र में स्थायी शांति और समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।