Home छत्तीसगढ़ आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा : 362 नए उपार्जन केंद्रों...

आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा : 362 नए उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था पर भी जोर

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

रायपुर : आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा : 362 नए उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था पर भी जोर

 

 

 

 

 

रायपुर, 21 सितंबर 2026

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला विपणन अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में आगामी धान खरीदी की तैयारियों के साथ पिछले वर्षों की खरीदी, धान के निराकरण, चावल जमा और सूखत समेत विभिन्न मुद्दों की जिलेवार समीक्षा की गई।

बैठक में 2 अप्रैल 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी ली गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उपार्जित धान के निराकरण, एफसीआई और नान में चावल जमा करने की स्थिति तथा लेखा मिलान की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में सामने आई धान की सूखत (कमी) की स्थिति की जानकारी ली गई।

362 नए उपार्जन केंद्रों पर फोकस

आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियों में बारदानों की उपलब्धता को लेकर भी समीक्षा की गई। इसके अलावा 362 नए धान उपार्जन केंद्रों’’ के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं, संग्रहण केंद्रों की तैयारी तथा मुख्यालय एवं जिला स्तर पर निविदाओं की अद्यतन स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।

बैठक में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान धान परिवहन तथा बारदाना सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए किए गए भुगतान की जिलेवार स्थिति की भी समीक्षा की गई। आगामी धान खरीदी वर्ष के लिए वित्तीय व्यवस्था पर भी अधिकारियों से चर्चा की गई।

किसानों को न हो परेशानी

श्री शशिकांत द्विवेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीदी वर्ष 2026-27 से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। लंबित कार्यों का शीघ्र निराकरण कर खरीदी व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।