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सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी : बहकर निकल जाता था बारिश का पानी, चेकडेम ने खेतों तक पहुंचाया सिंचाई का सहारा

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रायपुर : सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी : बहकर निकल जाता था बारिश का पानी, चेकडेम ने खेतों तक पहुंचाया सिंचाई का सहारा

 

 

 

 

 

सरवानी में जल संरक्षण से बदली तस्वीर, धान के साथ सब्जी उत्पादन में भी मिली मदद

19.90 लाख रुपये से बना चेकडेम, निर्माण से ग्रामीणों को मिला 1,444 मानव दिवस का रोजगार

रायपुर, 24 सितंबर 2026

कभी बारिश का पानी जिस नाले से तेज बहाव के साथ गांव से बाहर निकल जाता था, आज उसी पानी को रोककर खेतों और ग्रामीणों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखंड की ग्राम पंचायत सरवानी में लखाली डहर नाला पर निर्मित चेकडेम ने जल संरक्षण के साथ खेती को भी सहारा दिया है। चेकडेम बनने से नाले में पानी अधिक समय तक ठहरने लगा है और आसपास की कृषि भूमि में नमी बनी रहने से किसानों को फसल उत्पादन में मदद मिल रही है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायत सरवानी में 19.90 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से चेकडेम का निर्माण कराया गया। इसमें 3.775 लाख रुपये मजदूरी और 16.125 लाख रुपये सामग्री मद में शामिल हैं। निर्माण कार्य से करीब 1,444 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ। इस तरह एक ही कार्य ने ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के साथ गांव में जल संरक्षण की स्थायी परिसंपत्ति भी तैयार की।

खेतों में बनी नमी, धान के साथ सब्जियों की खेती को भी सहारा

चेकडेम बनने से लखाली डहर नाला में पानी का ठहराव बढ़ा है। इसका लाभ नाले से लगी कृषि भूमि को मिल रहा है। खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहने से किसानों को धान की फसल लेने में मदद मिली, वहीं सब्जियों का उत्पादन भी किया गया। पानी के धीरे-धीरे जमीन में रिसने से भू-जल स्तर को बढ़ावा मिलने के साथ मिट्टी के कटाव को कम करने और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

किसान देवकुमार बोले-पानी रुकने से धान की फसल लेने में मिली मदद

नाले से लगी कृषि भूमि वाले किसान श्री देवकुमार कर्ष ने बताया कि पहले बारिश का पानी बहकर निकल जाता था। अब चेकडेम बनने के बाद पानी रुकने से खेतों में नमी बनी रही और धान की फसल लेने में मदद मिली। श्री बाबूलाल, श्री रेशम कश्यप सहित अन्य किसानों ने भी चेकडेम से खेती में मिले लाभ की जानकारी दी।

रोजगार सहायक श्री धनेश्वर श्रीवास ने बताया कि चेकडेम ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। इसके निर्माण के दौरान स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला और अब किसानों को खेती के लिए पानी का सहारा मिल रहा है।

रोजगार भी, जल संरक्षण भी और खेती को संबल भी

सरवानी का चेकडेम ग्रामीण विकास की ऐसी उपयोगी परिसंपत्ति बनकर सामने आया है, जिसने एक साथ कई जरूरतों को पूरा किया है। निर्माण के दौरान ग्रामीणों को रोजगार मिला, बारिश के पानी को सहेजने की व्यवस्था बनी और किसानों की खेती को सहारा मिला। सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि जल संरक्षण के छोटे लेकिन स्थायी प्रयास गांवों में खेती और आजीविका को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।