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वैज्ञानिक तकनीकों से मछली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में पहल, 300 मत्स्य किसानों को मिला प्रशिक्षण  

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रायपुर : वैज्ञानिक तकनीकों से मछली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में पहल, 300 मत्स्य किसानों को मिला प्रशिक्षण

 

 

 

 

 

पौंड लाइनर और केज कल्चर का कराया गया प्रत्यक्ष भ्रमण, आधुनिक मत्स्य पालन की बारीकियों से हुए रूबरू

मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब एवं आहार प्रबंधन के साथ रोगों की रोकथाम की दी गई जानकारी

रायपुर, 05 अक्टूबर 2026

 

जशपुर जिले में मत्स्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़कर मछली उत्पादन और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले के सभी विकासखंडों से चयनित समूहों एवं समितियों से जुड़े 300 मत्स्य किसानों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में किसानों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन की नवीन तकनीकों की जानकारी देने के साथ सफल मत्स्य पालन इकाइयों का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान मत्स्य किसानों ने जशपुर जिले में पौंड लाइनर तकनीक के माध्यम से आधुनिक पद्धति से किए जा रहे मछली पालन का अवलोकन किया। किसानों को पौंड लाइनर आधारित मत्स्य पालन की तकनीक, बेहतर तालाब प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न उपायों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

रजपुरी जलाशय में केज कल्चर की संभावनाओं को समझा

मत्स्य किसानों को सरगुजा जिले के रजपुरी जलाशय का भ्रमण भी कराया गया, जहां केज कल्चर तकनीक से मछली पालन किया जा रहा है। किसानों ने जलाशय आधारित केज कल्चर की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझा और इसके माध्यम से मछली उत्पादन तथा आजीविका संवर्धन की संभावनाओं की जानकारी प्राप्त की।

बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर

प्रशिक्षण में विकासखंड स्तर के अधिकारियों एवं मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक पद्धति से मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज के चयन, संतुलित आहार प्रबंधन तथा मछलियों में होने वाली विभिन्न बीमारियों की पहचान और रोकथाम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण एवं भ्रमण से प्राप्त व्यावहारिक जानकारी का उपयोग किसान अपने तालाबों में बेहतर प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, उचित आहार व्यवस्था और बीमारियों की समय पर रोकथाम के लिए कर सकेंगे। वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से मछली उत्पादन में वृद्धि के साथ मत्स्य पालन से जुड़े किसानों एवं हितग्राहियों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम सहायक संचालक मत्स्य पालन श्री जितेंद्र कुमार पैकरा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।