जगदलपुर : मां दंतेश्वरी के दर्शन हेतु जाने वाले पदयात्रियों की सेवा और सुरक्षा हेतु होगी समन्वित पहल
कलेक्टोरेट में पदयात्री सेवा केन्द्र स्थापित करने बनी व्यापक कार्ययोजना
जगदलपुर, 6 अक्टूबर 2026
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन हेतु बस्तर अंचल सहित दूर-दराज से पैदल दंतेवाड़ा जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार मंगलवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुखनंदन राठौर, संबंधित विभागों के प्रशासनिक अधिकारी तथा सेवा कार्यों से जुड़े समाजसेवी एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान यात्रा मार्ग पर पदयात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संगठनों और ग्राम पंचायतों के सहयोग से लगभग 22 पदयात्री सेवा केंद्र स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, जलपान, भोजन और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा। पदयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने, आवश्यकतानुसार बैरिकेटिंग लगाने और अंधेरे व संवेदनशील मोड़ों पर रेडियम युक्त स्टॉपर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रात के समय राहगीरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मार्ग पर विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने तथा क्रेडा के सहयोग से सोलर लाइटों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी तय की गई।
स्वच्छता और मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम जगदलपुर और संबंधित पंचायतों को सभी केंद्रों पर निरंतर पेयजल टैंकर, टंकियां और सफाई व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस की चैबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पैरों में छालों या थकावट से जूझ रहे पदयात्रियों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। इसके अलावा, भंडारे और भोजन निर्माण में आ रही जरूरतों को देखते हुए खाद्य नियंत्रक व वन विभाग के समन्वय से गैस सिलेंडर और जलाऊ लकड़ी की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर भी सहमति बनी। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री बघेल ने सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं से बेहतर आपसी तालमेल के साथ सेवा भाव से कार्य करने का आह्वान किया, ताकि आस्था के इस महापर्व में पदयात्री निर्विघ्न अपनी यात्रा पूरी कर सकें।



