Home छत्तीसगढ़ सेवा की कहानी : सेवा सेतु शिविर बना दिव्यांग बच्ची के लिए...

सेवा की कहानी : सेवा सेतु शिविर बना दिव्यांग बच्ची के लिए मददगार, यमुना कावड़े का तत्काल हुआ आधार पंजीयन

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

उत्तर बस्तर कांकेर : सेवा की कहानी : सेवा सेतु शिविर बना दिव्यांग बच्ची के लिए मददगार, यमुना कावड़े का तत्काल हुआ आधार पंजीयन

 

 

 

 

 

संवेदनशील पहल से आसान हुई शासकीय योजनाओं तक पहुंच की राह

उत्तर बस्तर कांकेर, 09 अक्टूबर 2026

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना सेवा संकल्प अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों के जरिए लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर शासन और आम जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें आवश्यक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम तरांदुल में आयोजित सेवा सेतु शिविर में दिव्यांग बच्ची यमुना कावड़े का तत्काल आधार पंजीयन कराया गया। आधार पंजीयन की सुविधा मिलने से बच्ची और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली। शिविर में प्रशासन ने बच्ची की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की और मौके पर ही आधार पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई। आधार कार्ड आज विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में दिव्यांग बच्ची का आधार पंजीयन समय पर होना उसके लिए भविष्य में विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दूरस्थ क्षेत्र में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से परिवार को आधार पंजीयन के लिए अन्य स्थानों पर भटकने की आवश्यकता से भी राहत मिली। सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर न केवल शासकीय योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि सुगम, सुलभ और जनोन्मुखी प्रशासन की भावना को भी साकार कर रहे हैं।