मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए मुंगेली में सप्ताहभर चलेगा अभियान, रंगोली और पाम्पलेट वितरण से लोगों को किया जा रहा जागरूक
तनाव, परीक्षा के दबाव और मानसिक परेशानियों को नजरअंदाज न करें, बिना झिझक लें विशेषज्ञों की मदद; स्पर्श क्लिनिक में निःशुल्क उपचार और टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की दी गई जानकारी
मुंगेली। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, मुंगेली के अंतर्गत जिले में 10 से 16 अक्टूबर 2026 तक मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change” अर्थात “अनुभवों को सुना गया: वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव” रखी गई है। इस अभियान का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के अनुभवों को समझना तथा उन्हें बिना किसी झिझक के उपचार और परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. के. गुप्ता, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार, जिला नोडल अधिकारी डॉ. संजय ओबेरॉय तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसमें जिला चिकित्सालय मुंगेली के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता भी रही।
रंगोली और पाम्पलेट के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य का संदेश
मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान आम नागरिकों को मानसिक रोगों की पहचान, उनके संभावित लक्षणों तथा उनसे बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। रंगोली और पाम्पलेट वितरण के माध्यम से लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचाई जा रही हैं। इन गतिविधियों के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और इसकी देखभाल को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अक्सर लोग मानसिक तनाव, चिंता, घबराहट, उदासी और अन्य मानसिक परेशानियों को सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। कई बार सामाजिक झिझक या लोगों की प्रतिक्रिया के डर से वे अपनी समस्याएं किसी के साथ साझा नहीं कर पाते। ऐसे में समय पर उचित परामर्श और उपचार नहीं मिलने से परेशानी बढ़ सकती है। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी भावनाओं को समझने, परिवार एवं भरोसेमंद लोगों से खुलकर बात करने तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
दैनिक तनाव और परीक्षा के दबाव को समझना जरूरी
जागरूकता गतिविधियों के दौरान ओपीडी में आने वाले मरीजों को दैनिक जीवन में होने वाले तनाव, मानसिक दबाव तथा विद्यार्थियों में परीक्षा के कारण उत्पन्न होने वाली चिंता के संबंध में भी जानकारी दी गई। पढ़ाई, परीक्षा, पारिवारिक परिस्थितियों, कामकाज और व्यक्तिगत समस्याओं के कारण कई लोग मानसिक तनाव का सामना करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में अपनी परेशानी को छिपाने के बजाय उसे समझना और समय पर मदद लेना महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव से घबराने के बजाय नियमित दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त आराम करने, सकारात्मक सोच रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों, शिक्षकों या विशेषज्ञों से बात करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं, आम नागरिकों को भी मानसिक परेशानियों के शुरुआती संकेतों को पहचानने और जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सा सहायता लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
स्पर्श क्लिनिक में मानसिक रोगों और नशा मुक्ति के लिए निःशुल्क दवाईयां भी उपचार हेतु प्रदान की जाती है।
जिला चिकित्सालय मुंगेली में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के उपचार एवं परामर्श के लिए स्पर्श क्लिनिक, कक्ष क्रमांक 10 में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई। मानसिक रोगों से संबंधित परेशानियों तथा नशा मुक्ति के लिए सहायता चाहने वाले लोगों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि मानसिक परेशानी किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं है और उचित उपचार, परामर्श तथा सहयोग से स्थिति में सुधार संभव है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने या उनके कारण किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव करने के बजाय उसे समझना और सहयोग देना आवश्यक है।
टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की दी गई जानकारी
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से ओपीडी में आने वाले मरीजों को टेली-मानस (Tele-MANAS) की निःशुल्क हेल्पलाइन सेवा 14416 के बारे में भी जानकारी दी गई। इस सेवा के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना कर रहे लोग सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव, चिंता या भावनात्मक परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय सहायता मांगना एक सकारात्मक कदम है। परिवार के सदस्यों, मित्रों और आसपास के लोगों को भी मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों की बात ध्यान से सुननी चाहिए तथा उन्हें आवश्यक मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील समाज बनाने पर जोर
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य केवल मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और भेदभाव को कम करना भी है। इस वर्ष की थीम लोगों के वास्तविक अनुभवों को सुनने, उनकी भावनाओं को समझने और उनकी जरूरतों के अनुरूप सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर देती है।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, मुंगेली के अंतर्गत आयोजित यह सप्ताहव्यापी अभियान आम नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराने और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं, परेशानियों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर बिना किसी संकोच के उपचार एवं परामर्श प्राप्त करें।

मानसिक स्वास्थ्य भी स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। समय पर पहचान, उचित परामर्श, उपचार और अपनों का सहयोग किसी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।



