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सेवा की कहानी : किसान समृद्धि योजना से मनोज के खेतों में आई हरियाली, बढ़ी खुशहाली

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रायपुर : सेवा की कहानी : किसान समृद्धि योजना से मनोज के खेतों में आई हरियाली, बढ़ी खुशहाली

 

 

 

 

 

सेवा संकल्प अभियान के तहत नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के लिए 43 हजार रुपए की सहायता से सिंचाई सुविधा का हुआ विस्तार

रायपुर, 11 अक्टूबर 2026

 

सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने के साथ आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं। इसी क्रम में खैरागढ़- छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम कोरवा निवासी किसान श्री मनोज कुमार छेदैया कृषि क्षेत्र में आए सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण हैं। कृषि विभाग की किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के लिए प्राप्त 43 हजार रुपए की अनुदान सहायता ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से अब उनके खेतों में सालभर फसल उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं और कृषि से होने वाली आमदनी में भी वृद्धि हुई है।

किसान श्री छेदैया के पास लगभग चार एकड़ कृषि भूमि है। पहले सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खेती के लिए मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता था। वर्षा की अनिश्चितता और समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों का उत्पादन प्रभावित होता था। विशेषकर खरीफ सीजन के बाद अन्य फसलों की खेती करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सीमित सिंचाई सुविधा के कारण वे अपनी कृषि भूमि का समुचित उपयोग नहीं कर पा रहे थे, जिससे परिवार की आमदनी भी सीमित थी।

किसान समृद्धि योजना से बदली खेती की तस्वीर

कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान समृद्धि योजना श्री छेदैया के लिए लाभकारी साबित हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के लिए 43 हजार रुपए की अनुदान सहायता प्राप्त हुई। इस राशि की सहायता से उन्होंने अपने खेत में नलकूप खनन करवाया और सिंचाई पंप स्थापित किया। इससे खेतों तक पानी पहुंचाने की सुविधा विकसित हुई और वर्षा पर निर्भरता कम हुई। अब वे फसलों की आवश्यकता के अनुसार समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे खेती के बेहतर प्रबंधन के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिली है।

धान के साथ सब्जियों की खेती से बढ़े आय के अवसर

सिंचाई सुविधा विकसित होने के बाद श्री छेदैया की कृषि गतिविधियों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पहले जहां पानी की कमी के कारण खेती की  पैदावार सीमित रहती थी, वहीं अब वे धान के साथ सब्जियों एवं अन्य फसलों की खेती भी कर पा रहे हैं। नियमित सिंचाई की सुविधा मिलने से फसलों की बढ़वार और उत्पादन में सुधार हुआ है। इससे कृषि आधारित आय के नए अवसर विकसित हुए हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। अब वे अपनी चार एकड़ कृषि भूमि का पहले की तुलना में बेहतर उपयोग कर रहे हैं।

शासन की सहायता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

किसान श्री छेदैया बताते हैं कि पहले सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से खेती में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पानी की कमी के कारण फसलों का उत्पादन प्रभावित होता था और अतिरिक्त फसल लेने की संभावना भी सीमित रहती थी। किसान समृद्धि योजना का लाभ मिलने के बाद उनकी यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। नलकूप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध होने से अब वे समय पर फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सहायता से खेती में सुधार आया है और परिवार की आमदनी बढ़ने के साथ आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है।

श्री छेदैया ने किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मिली सहायता के लिए शासन-प्रशासन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।