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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

 

 

 

 

 

रायपुर, 11 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी पत्रकार-वार्ता में उपस्थित थे।

 

मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी

 

सुशासन, जनकल्याण और विकास कार्यों को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि; ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर होगा ‘जनजातीय कार्य विभाग’

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। मंत्रिपरिषद ने इसे सुशासन, जनसेवा, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया। इस अवसर पर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव का उल्लेख किया। वहीं, कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती की अनुमति देने तथा ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।

 

पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती का रास्ता खुला

 

मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और कौशल का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति प्रदान की है। राज्य शासन पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुका है। इस निर्णय से सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त युवाओं को राज्य पुलिस सेवा में अवसर मिलने का रास्ता मजबूत होगा।

 

जनजातीय कार्य विभाग के नाम परिवर्तन को मंजूरी

 

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा। यह निर्णय विभाग के नाम और प्रशासनिक पहचान में बदलाव से जुड़ा है।

 

निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर

 

मंत्रिपरिषद ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए गए सुधारों का उल्लेख किया। दस्तावेज के अनुसार, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ के माध्यम से औद्योगिक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। निर्धारित समयसीमा में निर्णय नहीं होने पर स्वतः स्वीकृति का प्रावधान तथा सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से प्रक्रियाओं को आसान बनाने की पहल की गई है।

 

सरकारी वक्तव्य के मुताबिक, राज्य में 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है।

 

आवास, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख

 

सरकारी दस्तावेज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण होने की जानकारी दी गई है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए जाने तथा 51.17 लाख हितग्राहियों को करीब 11,877 करोड़ रुपये के निःशुल्क उपचार का लाभ मिलने का उल्लेख है।

 

वहीं, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से राज्य के 73 लाख परिवारों यानी लगभग 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई है।

 

किसानों और महिलाओं के लिए योजनाओं पर विशेष जोर

 

दस्तावेज के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ छत्तीसगढ़ के 26.57 लाख किसानों तक पहुंचा है। धान उपार्जन का आंकड़ा बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने तथा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बोनस के माध्यम से भुगतान किए जाने का उल्लेख किया गया है।

 

महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के संबंध में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया।

 

बस्तर में विकास और नक्सलवाद से मुक्ति का दावा

 

सरकारी वक्तव्य में 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिलने का दावा किया गया है। इसके साथ ही बस्तर में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आजीविका के अवसरों के विस्तार का उल्लेख किया गया। दस्तावेज के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क सुविधाओं के विकास और बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोलने जैसे प्रयासों से स्थानीय आबादी तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है।

 

विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का संकल्प

 

मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संकल्प दोहराया। राज्य सरकार ने निवेश, कृषि, महिला सशक्तीकरण, जनजातीय विकास, आधारभूत संरचना और रोजगार के अवसरों को प्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार बताया।

 

मंत्रिपरिषद का कहना है कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में काम किया जाएगा।