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विशेष आलेख – धरती आबा अभियान से जनजातीय गांवों में विकास को मिल रही गति

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राजनांदगांव : विशेष आलेख – धरती आबा अभियान से जनजातीय गांवों में विकास को मिल रही गति

 

 

 

 

 

 

– जिले के 105 गांवों में आदि सेवा केन्द्र स्थापित, 100 केन्द्रों की मैपिंग पूर्ण

– 297 आदि साथी जनजातीय परिवारों को शासकीय योजनाओं से जोडऩे में सक्रिय

राजनांदगांव 12 अक्टूबर 2026।

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत राजनांदगांव जिले के 105 जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं एवं शासकीय सेवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को प्रारंभ इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, बिजली, आजीविका सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर विकास की मुख्यधारा से जोडऩा है। अभियान के अंतर्गत जिले के चार विकासखंडों के 105 गांव चयनित किए गए हैं। इनमें छुरिया के सर्वाधिक 67, डोंगरगढ़ के 28, डोंगरगांव के 8 एवं राजनांदगांव विकासखंड के 2 गांव शामिल हैं। सभी 105 गांवों में आदि सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 100 केन्द्रों की मैपिंग पूर्ण हो गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं 297 आदि साथी जमीनी स्तर पर पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अभियान के तहत 15 जून से 15 जुलाई 2025 तक आयोजित विशेष संतृप्ति शिविरों में जनजातीय परिवारों के आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र एवं राशन कार्ड मौके पर तैयार कर वितरित किए गए। इससे दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिली। आदि सेवा केन्द्रों एवं आदि साथियों की सक्रिय सहभागिता से जनजातीय परिवारों तक शासकीय योजनाओं की पहुंच बढ़ रही है। यह अभियान जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।