नवरात्रि के गरबा महोत्सव से जगराता तक गूंजा साइबर सुरक्षा का संदेश, एसएसपी भोजराम पटेल की पहल से 7 हजार से अधिक श्रद्धालु हुए जागरूक
मुंगेली। नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां एक ओर मां दुर्गा की आराधना, गरबा और डांडिया की धूम है, वहीं दूसरी ओर मुंगेली पुलिस आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार सक्रिय है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘पहल’ अभियान के तहत धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को साइबर जागरूकता का माध्यम बनाया जा रहा है। इसी क्रम में 14 अक्टूबर 2026 को सेंट जेवियर स्कूल मुंगेली एवं रोट्रेक्ट क्लब मुंगेली द्वारा आयोजित नवदुर्गा गरबा महोत्सव में एसएसपी भोजराम पटेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गरबा एवं डांडिया प्रतिभागियों सहित उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्कता बरतने का संदेश दिया। वहीं, दाऊपारा मुंगेली स्थित रेस्ट हाउस के पास आयोजित जगराता कार्यक्रम में डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से लगभग 7,000 श्रद्धालुओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
गरबा महोत्सव में एसएसपी ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
सेंट जेवियर स्कूल मुंगेली एवं रोट्रेक्ट क्लब मुंगेली के संयुक्त आयोजन में आयोजित नवदुर्गा गरबा महोत्सव में एसएसपी भोजराम पटेल की उपस्थिति ने साइबर जागरूकता अभियान को विशेष पहचान दी। नवरात्रि के उत्सवी माहौल के बीच पुलिस ने लोगों को बताया कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल भुगतान का उपयोग जितना सुविधाजनक हुआ है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहना आवश्यक है।
‘पहल’ अभियान के अंतर्गत गरबा एवं डांडिया प्रतिभागियों तथा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिभागियों को अभियान का जागरूकता बैज लगाकर साइबर सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।
पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल लोगों को साइबर अपराधों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना भी है, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए प्रेरित कर सकें।
जगराता में डिजिटल स्क्रीन के जरिए 7 हजार श्रद्धालुओं तक पहुंचा संदेश
मुंगेली के दाऊपारा स्थित रेस्ट हाउस के पास आयोजित जगराता कार्यक्रम में मुंगेली पुलिस ने व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से साइबर सुरक्षा से संबंधित वीडियो एवं संदेश प्रदर्शित किए गए। इस माध्यम से लगभग 7,000 श्रद्धालुओं तक ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में लोगों को विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी तथा फर्जी और लुभावने ऑफर्स के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले साइबर अपराधियों के तरीकों के प्रति सचेत किया गया।
पुलिस ने लोगों को समझाया कि साइबर अपराधी कई बार पुलिस, सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं का अधिकारी बनकर फोन करते हैं और कार्रवाई का डर दिखाकर अथवा आकर्षक लाभ का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित जानकारी की पुष्टि करना और किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जागरूकता फैलाने का उद्देश्य यह है कि साइबर सुरक्षा का संदेश समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और नागरिक ऑनलाइन धोखाधड़ी के संभावित खतरों को समय रहते पहचान सकें।
पुलिस अधिकारियों ने बताए साइबर ठगी से बचने के व्यावहारिक उपाय
जगराता कार्यक्रम के दौरान प्र. उप निरीक्षक सीमा, सहायक उप निरीक्षक मधुकर रात्रे एवं बबीता श्रीवास ने उपस्थित जनसमूह को साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थोड़ी-सी लापरवाही भी व्यक्ति को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति, संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज या इंटरनेट पर मिलने वाले आकर्षक प्रस्ताव पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की—
1. अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें: मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध लिंक को न खोलें और किसी अनजान स्रोत से प्राप्त ऐप डाउनलोड न करें। ऐसे लिंक और ऐप के माध्यम से साइबर अपराधी व्यक्तिगत जानकारी या बैंकिंग विवरण चुराने का प्रयास कर सकते हैं।
2. ओटीपी और बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखें: अपना ओटीपी (OTP), एटीएम पिन, सीवीवी, पासवर्ड तथा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक या अन्य संस्थान के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना कोई जानकारी न दें।
3. डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वालों से सावधान रहें: यदि कोई व्यक्ति पुलिस या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से गिरफ्तारी का डर दिखाता है और पैसे जमा करने का दबाव बनाता है, तो सतर्क रहें। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसी से आधिकारिक माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें।
4. फर्जी लॉटरी और आकर्षक ऑफर्स से बचें: बिना किसी वास्तविक आधार के लॉटरी जीतने, इनाम मिलने, कम समय में अधिक कमाई करने या वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध प्रस्तावों पर भरोसा न करें। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
5. सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतें: अज्ञात नंबरों से आने वाले संदेशों, संदिग्ध प्रोफाइल, फर्जी नौकरी के प्रस्तावों और पैसे मांगने वाले संदेशों से सावधान रहें। किसी परिचित के नाम से पैसे मांगे जाने पर भी दूसरे माध्यम से उसकी पुष्टि अवश्य करें।
6. साइबर ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें: यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से मामले में त्वरित कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
‘पहल’ अभियान के माध्यम से जन-जन तक पहुंचेगी साइबर जागरूकता
मुंगेली पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ‘पहल’ अभियान नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अभियान के तहत पुलिस धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक महोत्सवों में पहुंचकर लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही है।
नवरात्रि और दशहरा जैसे पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे अवसरों पर साइबर जागरूकता संबंधी जानकारी साझा करने से समाज के विभिन्न वर्गों तक सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से मुंगेली पुलिस द्वारा जागरूकता गतिविधियों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस की अपील है कि नागरिक स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें तथा परिवार के सदस्यों, मित्रों और परिचितों को भी ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दें। विशेष रूप से बुजुर्गों और डिजिटल लेन-देन का कम अनुभव रखने वाले लोगों को साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय
डिजिटल तकनीक ने आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। मुंगेली पुलिस का ‘पहल’ अभियान इसी सोच के साथ लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के दौरान विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाना, ऑनलाइन ठगी की घटनाओं से बचाव के उपाय बताना और सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
साइबर सुरक्षा का संदेश स्पष्ट है—सतर्क रहें, अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।



