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विशेष लेख : स्वास्थ्य सेवाओं के नए युग की ओर बढ़ता मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला  

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एमसीबी :विशेष लेख : स्वास्थ्य सेवाओं के नए युग की ओर बढ़ता मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला

 

 

 

 

 

मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से लेकर आधुनिक अस्पतालों तक, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार से बदल रही जिले की तस्वीर

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक जांच, उपचार और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मिल रही नई दिशा

विशेष लेख: लोकेश्वर सिंह

एमसीबी/14 अक्टूबर 2026

किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास का वास्तविक आधार वहां के नागरिकों का बेहतर स्वास्थ्य होता है। स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध भविष्य का निर्माण करते हैं। इसी सोच को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ का मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिख रहा है। कभी बेहतर उपचार और आधुनिक जांच सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहने वाले इस क्षेत्र में अब मेडिकल कॉलेज, आधुनिक अस्पताल, डायलिसिस केंद्र, सीटी स्कैन, अटल आरोग्य लैब तथा नवीन स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों और राज्य शासन की प्रतिबद्धता से जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल हुई हैं। इन प्रयासों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास केवल जिला मुख्यालय या शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि खड़गवां, जनकपुर, जरौंधा और कोरिया कॉलरी जैसे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संचालित स्वास्थ्य संस्थानों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और प्रस्तावित योजनाओं का यह समन्वय आने वाले समय में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता रखता है।

मेडिकल कॉलेज की शुरुआतरू चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

मनेन्द्रगढ़ में 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज का प्रवेश सत्र प्रारंभ होना जिले के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान की शुरुआत नहीं, बल्कि क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के नए अध्याय का आरंभ है। मेडिकल कॉलेज के माध्यम से युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं भविष्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने की संभावनाएं भी विकसित होंगी। चिकित्सा शिक्षा का विस्तार किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेडिकल कॉलेज से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य संबंधी अनुसंधान, चिकित्सकीय प्रशिक्षण और विशेषज्ञ सेवाओं के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होता है। मनेन्द्रगढ़ में इसकी शुरुआत से जिले को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

220 बिस्तरीय अस्पताल से उपचार क्षमता को मिल रहा विस्तार

मनेन्द्रगढ़ में 220 बिस्तरीय अस्पताल का अस्थायी संचालन प्रारंभ होना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय स्तर पर अस्पताल सेवाओं को मजबूत करने तथा अधिक मरीजों को उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का आधार तैयार हुआ है। अस्पताल सेवाओं की क्षमता में वृद्धि का सीधा लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जिन्हें पहले सामान्य से लेकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता था। इसी प्रकार चिरमिरी में जिला अस्पताल का अस्थायी संचालन प्रारंभ किया गया है, जबकि जिला अस्पताल के नवीन भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। नवीन भवन के पूर्ण होने से चिकित्सा सेवाओं को अधिक व्यवस्थित स्वरूप मिलने की संभावना है। अस्पताल में बेहतर अधोसंरचना विकसित होने से मरीजों को उपचार, जांच एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

चिकित्सकों के लिए आवासीय सुविधाओं का विकास भी प्राथमिकता

किसी भी अस्पताल की सफलता केवल आधुनिक भवन और उपकरणों पर निर्भर नहीं होती, बल्कि वहां कार्यरत चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिरमिरी में डॉक्टर कॉलोनी तथा ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है। इन निर्माणाधीन सुविधाओं के पूर्ण होने से चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवासीय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ चिकित्सकीय अमले के लिए आवास की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर एवं प्रभावी संचालन में सहायक सिद्ध हो सकती है। इस प्रकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के साथ मानव संसाधन की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

आधुनिक सीटी स्कैन सुविधा से जांच के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता होगी कम

चिरमिरी जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कक्ष एवं मशीन का संचालन प्रारंभ होना जिले के नागरिकों के लिए बड़ी उपलब्धि है। लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक सीटी स्कैन सुविधा ने स्थानीय स्तर पर उन्नत चिकित्सकीय जांच का नया विकल्प उपलब्ध कराया है।

दुर्घटनाओं, सिर की चोट, आंतरिक बीमारियों एवं अन्य जटिल स्वास्थ्य समस्याओं में सीटी स्कैन जांच का विशेष महत्व होता है। पहले ऐसी जांच के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय के साथ आर्थिक व्यय भी बढ़ता था। स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर जांच कराने में सहायता मिलेगी और चिकित्सकों के लिए उपचार संबंधी निर्णय लेना अधिक सुविधाजनक होगा।

डायलिसिस केंद्रों से किडनी रोगियों को राहत

मनेन्द्रगढ़ एवं चिरमिरी में डायलिसिस केंद्रों का संचालन प्रारंभ होना जिले में गंभीर बीमारियों के उपचार संबंधी सुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण उदाहरण है। किडनी संबंधी गंभीर समस्याओं से पीड़ित अनेक मरीजों को नियमित अंतराल पर डायलिसिस की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति में बार-बार दूरस्थ शहरों की यात्रा मरीजों और उनके परिवारों के लिए शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक चुनौती बन जाती है। दोनों स्थानों पर डायलिसिस सुविधाओं की उपलब्धता से मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। इससे यात्रा संबंधी कठिनाइयों में कमी आने के साथ उपचार की निरंतरता बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। यह पहल जरूरतमंद मरीजों के जीवन को अधिक सहज बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास है।

अटल आरोग्य लैब से जांच सुविधाओं को नई मजबूती

आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में बीमारी की समय पर पहचान और सटीक जांच अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मनेन्द्रगढ़ एवं चिरमिरी में अटल आरोग्य लैब का संचालन प्रारंभ किया गया है। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ रही है। इसके साथ ही मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी में ब्लड कलेक्शन की व्यवस्था भी जांच सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जांच सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों को आवश्यक परीक्षण कराने में सुविधा मिलेगी और चिकित्सकों को समय पर उपचार प्रारंभ करने में सहायता होगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए नजदीक जांच सुविधाएं उपलब्ध होना बड़ी राहत का माध्यम बन सकता है।

जनकपुर का 100 बिस्तरीय अस्पताल: वनांचल में स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत आधार

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का बड़ा हिस्सा ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में स्थित है। ऐसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी दिशा में जनकपुर स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन प्रारंभ होना भरतपुर विकासखंड के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस स्वास्थ्य संस्थान से जनकपुर एवं आसपास के दूरस्थ गांवों में रहने वाले नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का आधार मजबूत हुआ है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद मरीजों के लिए नजदीकी अस्पताल सेवाओं की उपलब्धता स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

खड़गवां, जरौंधा और कोरिया कॉलरी में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। खड़गवां में स्वास्थ्य भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं कोरिया कॉलरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अस्थायी संचालन तथा खड़गवां विकासखंड के जरौंधा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत ग्रामीण नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल है। ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थान सामान्य बीमारियों के उपचार, प्राथमिक चिकित्सकीय परामर्श, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन संस्थानों के माध्यम से नागरिकों को अपने निवास क्षेत्र के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

फिजियोथेरेपी सेवाओं के विस्तार से पुनर्वास उपचार को मिलेगा बढ़ावा

स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं, बल्कि मरीजों को स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की ओर वापस लाने में सहायता करना भी है। इसी दृष्टिकोण से जिले में फिजियोथेरेपी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। चिरमिरी में फिजियोथेरेपी कक्ष का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके पूर्ण होने तथा सेवाएं प्रारंभ होने से हड्डी एवं जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की समस्याओं, चोट के बाद पुनर्वास तथा अन्य शारीरिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों को लाभ मिलने की संभावना है। विशेष रूप से बुजुर्गों और नियमित फिजियोथेरेपी की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपयोगी सिद्ध होगी।

खड़गवां में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से भविष्य की जरूरतों की तैयारी

जिले में बढ़ती आबादी और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए खड़गवां में 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकसित करने की आगामी योजना भी महत्वपूर्ण है। इस प्रस्तावित परियोजना से क्षेत्र में अस्पताल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने तथा ग्रामीण नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नई संभावनाएं विकसित होंगी। योजना के क्रियान्वयन से खड़गवां एवं आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक मजबूत आधार मिलेगा। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में दूरगामी महत्व रखती है।

सेवा संकल्प अभियान: स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम

जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ-साथ आम नागरिकों को स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिलाने के लिए सशक्त एमसीबी सेवा संकल्प अभियान 2026 भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत चिरमिरी के मंगल भवन, पोड़ी में आयोजित दो दिवसीय मेगा हेल्थ कैंप में कुल 4,573 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के प्रथम दिन 2,608 तथा दूसरे दिन 1,965 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। प्रथम दिवस 556 लोगों की रक्त जांच, 1,676 हितग्राहियों को निःशुल्क दवा वितरण तथा 140 नए आयुष्मान कार्ड बनाए जाने जैसी गतिविधियां स्वास्थ्य सेवाओं को जनसामान्य तक पहुंचाने के प्रयासों का उदाहरण हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, रोगों की स्क्रीनिंग, निःशुल्क जांच एवं दवा वितरण जैसी सुविधाओं के माध्यम से जरूरतमंद नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस प्रकार स्वास्थ्य शिविर जनभागीदारी और जनसेवा के प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से सामाजिक और आर्थिक विकास को भी मिलेगी गति

स्वास्थ्य अधोसंरचना में निवेश का प्रभाव केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका संबंध समाज के समग्र विकास से भी होता है। जब नागरिकों को अपने क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, तब उपचार के लिए लंबी यात्राओं, अतिरिक्त खर्च और समय की हानि जैसी समस्याओं में कमी आती है। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर विकसित होंगे। आधुनिक अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार से स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी। डायलिसिस, सीटी स्कैन और प्रयोगशाला सुविधाओं से मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच एवं उपचार में सहायता मिलेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के विकास से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से विकसित हो रहा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं वाला एमसीबी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से जिले में चिकित्सा शिक्षा, अस्पताल अधोसंरचना, आधुनिक उपकरणों, जांच सुविधाओं और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को नई दिशा मिली है। जिला प्रशासन द्वारा भी इन योजनाओं एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के समन्वय से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वस्थ नागरिक, सशक्त समाज और विकसित एमसीबी का संकल्प

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की वर्तमान पहल एक व्यापक परिवर्तन की आधारशिला है। मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा शिक्षा को नई पहचान, 220 बिस्तरीय अस्पताल से उपचार क्षमता का विस्तार, जनकपुर में 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आधुनिक सीटी स्कैन सुविधा, दो डायलिसिस केंद्र, अटल आरोग्य लैब तथा निर्माणाधीन स्वास्थ्य परियोजनाएं जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे विकास को रेखांकित करती हैं। इन सभी पहलों की सार्थकता इस बात में निहित है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें। निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूर्ण होने, प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन और चिकित्सकीय संसाधनों के सुदृढ़ीकरण से आने वाले वर्षों में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सक्षम बनने की उम्मीद है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का यह विस्तार केवल नए भवनों, आधुनिक मशीनों और अस्पतालों की बढ़ती क्षमता की कहानी नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हो रहे ये प्रयास स्वस्थ, सशक्त और विकसित एमसीबी के निर्माण की मजबूत आधारशिला बन रहे हैं