Home छत्तीसगढ़ बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए परिस्थितियां नहीं, दृढ़...

बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए परिस्थितियां नहीं, दृढ़ संकल्प और मेहनत जरूरी : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी  

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

रायपुर : बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए परिस्थितियां नहीं, दृढ़ संकल्प और मेहनत जरूरी : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

 

 

 

 

 

वित्त मंत्री श्री चौधरी हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित कोलोसस एवं अंतरराष्ट्रीय मॉडल यूनाइटेड नेशंस और यूथ पार्लियामेंट के समापन समारोह में हुए शामिल

गांव के साधारण सरकारी स्कूल से आईएएस बनने तक की अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा साझा कर युवाओं को किया प्रेरित

कहा– जीवन में कितनी भी कठिनाइयां आएं, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण कभी नहीं छोड़ना चाहिए

रायपुर, 25 अक्टूबर 2026

 

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) में आयोजित कोलोसस एवं अंतरराष्ट्रीय मॉडल यूनाइटेड नेशंस और यूथ पार्लियामेंट 2026 के समापन समारोह में शामिल होकर विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने बचपन, शिक्षा और भारतीय प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने की संघर्षपूर्ण यात्रा साझा करते हुए युवाओं को बड़े सपने देखने, कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सुविधाओं और संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी से प्रयास किया जाए, तो सफलता की राह बनाई जा सकती है।

कार्यक्रम में भारतीय हॉकी खिलाड़ी एवं ओलंपिक पदक विजेता श्री शमशेर सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वी.सी. विवेकानंदन सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विश्वविद्यालय द्वारा मॉडल यूनाइटेड नेशंस और यूथ पार्लियामेंट जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को संवाद, नेतृत्व और विचारों की अभिव्यक्ति का अवसर उपलब्ध कराने की सराहना की।

*गांव के छोटे से स्कूल से शुरू हुई सफलता की यात्रा*

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि उनका जन्म रायगढ़ जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता शासकीय विद्यालय में शिक्षक थे, लेकिन जब वे मात्र आठ वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। उनकी माता ने केवल चौथी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की थी। सीमित पारिवारिक संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी।

उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई। जिस मिडिल स्कूल में वे पढ़ते थे, उसकी छत खपरैल की थी और बारिश होने पर कक्षाओं में पानी भर जाता था। नौवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के दौरान भी शिक्षकों की भारी कमी थी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि बारहवीं कक्षा में पूरे वर्ष गणित की केवल चार कक्षाएं ही आयोजित हो पाई थीं।

श्री चौधरी ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी कमजोरियों या संसाधनों की कमी को कभी अपने सपनों के रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया।

*आईएएस बनने का सपना लेकर पहुंचे थे मसूरी, अकादमी के गेट से लौटना पड़ा*

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने जीवन का एक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2000 में बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे भिलाई पहुंचे। उस समय आईएएस की तैयारी के लिए आवश्यक किताबें आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं। भिलाई और रायपुर के पुस्तक बाजारों में तलाश करने के बाद भी जब पर्याप्त अध्ययन सामग्री नहीं मिली, तो उन्होंने दिल्ली जाने का निर्णय लिया।

उन्होंने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद अपने एक मित्र के साथ वे मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी देखने पहुंचे। उस समय उनकी उम्र लगभग 18 वर्ष थी। उन्होंने अकादमी के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी से भीतर जाकर प्रशिक्षण संस्थान देखने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला।

श्री चौधरी ने कहा कि उस घटना से वे भावुक हो गए थे, लेकिन उसी क्षण उन्होंने संकल्प लिया कि एक दिन वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर इसी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने आएंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में अपमान, असफलता या कठिन परिस्थितियों को निराशा का कारण बनाने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा में बदलना चाहिए।

*दिल्ली की तपती गर्मी और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जारी रखी तैयारी*

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने दिल्ली में अपनी पढ़ाई के दिनों का उल्लेख करते हुए बताया कि सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उन्हें बेहद साधारण परिस्थितियों में रहना पड़ा। शुरुआत में वे दिल्ली के हकीकत नगर क्षेत्र में एक मकान की ऊपरी मंजिल पर किराए से रहते थे, जिसकी छत एस्बेस्टस शीट की थी। गर्मियों में कमरा अत्यधिक गर्म हो जाता था और पढ़ाई करते समय लगातार पसीना बहता रहता था।

उन्होंने बताया कि बाद में कम किराए के कारण उन्हें दिल्ली की एक कॉलोनी में कब्रिस्तान के समीप स्थित कमरे में भी रहना पड़ा। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वे लगभग 12 किलोमीटर दूर जाकर ट्यूशन पढ़ाते थे। ट्यूशन से मिलने वाली राशि और परिवार से प्राप्त सीमित आर्थिक सहयोग के सहारे उन्होंने अपनी पढ़ाई तथा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी।

श्री चौधरी ने विद्यार्थियों से कहा कि इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी नकारात्मक सोच को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्हें हमेशा विश्वास रहा कि मेहनत और संकल्प के बल पर वे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

*युवाओं से कहा– अपनी परिस्थितियों को नहीं, अपनी क्षमताओं को पहचानें*

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि युवावस्था जीवन का वह महत्वपूर्ण समय है, जब व्यक्ति अपने भविष्य की दिशा तय करता है। इस दौर में चुनौतियां और असफलताएं आना स्वाभाविक है, लेकिन उनसे घबराने के बजाय सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की पारिवारिक पृष्ठभूमि, आर्थिक स्थिति या शुरुआती शैक्षणिक सुविधाएं उसके भविष्य की अंतिम सीमा निर्धारित नहीं करतीं। सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास से जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है।

*युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण*

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस और यूथ पार्लियामेंट जैसे कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श करने, विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने और अपनी नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने आयोजन से जुड़े विद्यार्थियों, विश्वविद्यालय प्रबंधन और आयोजकों को बधाई देते हुए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।