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बस्तर दशहरा का समापन राजमहल परिसर में हर्ष फायरिंग और कलश यात्रा के साथ माता मावली को दी गई आत्मीय विदाई

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जगदलपुर : बस्तर दशहरा का समापन राजमहल परिसर में हर्ष फायरिंग और कलश यात्रा के साथ माता मावली को दी गई आत्मीय विदाई

 

 

 

 

 

हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ माता मावली की डोली और दंतेश्वरी माई के छत्र को दी विदाई

 

जगदलपुर, 27 अक्टूबर 2026

ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के 75 दिवसीय विशाल धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत समापन मंगलवार को माता मावली की डोली और मां दंतेश्वरी के छत्र की ससम्मान विदाई के साथ हुआ। जगदलपुर के राजमहल परिसर स्थित ऐतिहासिक मां दंतेश्वरी मंदिर में परंपरागत विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की गई। इसके उपरांत पुलिस के जवानों ने हर्ष फायरिंग कर माता को गरिमामयी सलामी दी। विदाई के इस पावन और भावुक क्षण में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ माता को अत्यंत आत्मीय विदाई दी, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

माता की इस ऐतिहासिक विदाई यात्रा के लिए दंतेश्वरी मंदिर परिसर और विदाई मार्ग को लगभग डेढ़ क्विंटल गेंदे, गुलाब और बासंती फूलों की सुंदर पंखुड़ियों से सजाया गया था। डोली के प्रस्थान के समय उपस्थित जनसमुदाय और श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच माता पर गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्पवर्षा कर आस्था के साथ विदा किया। इस धार्मिक विधान में बेल और सागौन की लकड़ी से निर्मित करीब 15 साल पुरानी डोली आकर्षण का मुख्य केंद्र रही, जिसमें करीब चार किलो चांदी, दोनों ओर चांदी की प्रतिमाएं और 45 चांदी के गुब्बे जड़े हुए हैं।

परंपरा अनुसार बस्तर राजपरिवार के सदस्य श्री कमलचंद्र भंजदेव और श्रद्धालुओं ने माता की करीब 20 किलो वजनी डोली को कंधों पर उठाकर जिया डेरा तक पहुंचाया, जिसके बाद डोली और छत्र को दंतेवाड़ा के लिए विदा किया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर पहुंचे दर्शनार्थियों को 76 किलो बूंदी और लड्डू से तैयार किए गए 5,000 से अधिक पैकेटों में प्रसाद का वितरण किया गया। साथ ही माता को विदाई रस्म के तहत 25 किलो चावल, 11 किलो दाल, घी, मसाले और श्रृंगार सामग्री भेंट स्वरूप अर्पित की गई। इस दौरान अनेक देवी-देवताओं की उपस्थिति में संपन्न हुए उक्त आयोजन के साथ ही बस्तर के इस अनूठे पारंपरिक पर्व का औपचारिक समापन हो गया। इस मौके पर राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा, सांसद बस्तर एवं अध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति श्री महेश कश्यप, उपाध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति श्री बलराम मांझी सहित मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरीन, नाईक-पाईक और अन्य सदस्य समेत कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त श्री प्रवीण वर्मा तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा हुए शामिल

माता मावली  की डोली  और मां दंतेश्वरी के छत्र  के इस विदाई के दौरान राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा भी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि श्री गणेश शंकर मिश्रा बस्तर जिले में कलेक्टर के पद पर पदस्थ रहे हैं। इसके साथ ही बस्तर संभाग के आयुक्त पद पर भी पदस्थ रहे। उनके द्वारा बस्तर कलेक्टर के पद पर पदस्थ रहते हुए मावली माता की भव्य विदाई के लिए विशेष पहल किया गया, साथ ही यहां के सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया गया था। माता मावली की विदाई कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करना इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।