Home छत्तीसगढ़ न्यायधानी में इस बार लोकसभा चुनाव 2019 में जीत की उम्मीद लगा...

न्यायधानी में इस बार लोकसभा चुनाव 2019 में जीत की उम्मीद लगा रही है कांग्रेस​

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

छत्तीसगढ़ की बिलासपुर लोकसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है. बिलासपुर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. बिलासपुर हाई कोर्ट पूरे एशिया में सबसे बड़ा हाई कोर्ट है. बिलासपुर को छत्तीसगढ़ की न्यायधानी भी कहा जाता है. इसके अलावा बिलासपुर अपने खूश्बूदार चावलों की विविधता के लिए भी मशहूर है. राजनीति की दृष्टि से बिलासपुर लोकसभा सीट को भाजपा का गढ़ कहा जाता है.

आजादी के बाद से अब तक बिलासपुर लोकसभा सीट पर कुल 16 चुनाव हो चुके हैं. साल 1952 से 1999 के बीच बिलासपुर निर्वाचन क्षेत्र मध्य प्रदेश का हिस्सा था. इसके बाद साल 2004 से 2014 में बतौर छत्तीसगढ़ का हिस्सा बिलासपुर में तीन लोकसभा चुनाव हो चुके हैं. साल 1989 से इस क्षेत्र में बीजेपी का दबदबा रहा है. पिछले आठ में से 7 चुनाव (1991 के अलावा) बीजेपी के खाते में रहे हैं. बिलासपुर से बीजेपी के पुन्नूलाल मोहले ने लगातार चार बार जीत दर्ज की.

बिलासपुर शहर लगभग 400 साल पुराना है. इसका नाम मछुआरन महिला ‘बिलासा’ के नाम पर रखा गया है. कई प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आने के बावजूद बिलासपुर ने काफी विकास किया. जिले की कुल जनसंख्या लगभग 1961922 है. वर्तमान में बिलासपुर जिले में 8 तहसील, 7 ब्लॉक और 909 गांव शामिल हैं. इस लोकसभा सीट पर 2014 में पुरुष मतदाताओं की संख्या 889,222 थी. वहीं पंजीकृत 838,103 महिला वोटर्स की संख्या 517,204 थी. यहां कुल 1,727,325 मतदाताओं में से कुल 1,090,457 ने पिछले चुनाव में हिस्सा लिया. इस चुनाव में करीब 1729229 मतदाता अपने क्षेत्र सांसद का चुनाव करेंगे.

बिलासपुर लोकसभा के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटों आती हैं. इनमें से दो अनूसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. जिनमें कोटा, तखतपुर, बेलतेरा, लोरमी, बिल्हा, मस्तूरी(एससी), मुंगेली(एससी) और बिलासपुर शामिल है. साल 2014 में बीजेपी के लखनलाल साहू ने कांग्रेस की करुणा शुक्ला को हराया और सांसद बने. इससे पहले साल 2009 में बीजेपी के दिलीप सिंह जुदैव ने कांग्रेस के रेणु जोगी को हराया था. इससे पहले के चार चुनावों में बीजेपी के पुन्नुलाल मोहले यहां से सांसद रहे.

 

बिलासपुर सीट से वर्तमान सांसद लखन लाल साहू हैं. 16 जून 1971 को जन्मे लखनलाल पेशे से वकील और किसान है. सांसद साहू ने एमए (साहित्य) समेत एलएलबी की डिग्री हासिल की है. उनकी पत्नी का नाम निर्मला साहू है और उनके परिवार में तीन बेटे हैं. जनवरी, 2019 तक बीजेपी सांसद लखन लाल साहू ने अभी तक अपने सांसद निधि से क्षेत्र के विकास के लिए 26.57 करोड़ रुपए में से 24.91 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. उन्हें सांसद निधि से अभी तक 27.39 करोड़ (ब्याज के साथ) मिले हैं. इनमें से 2.48 करोड़ रुपए अभी खर्च नहीं किए गए हैं. उन्होंने जारी किए जा चुके रुपयों में से 108.69 फीसदी खर्च किया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here