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सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार का नामांकन खारिज, तेज बहादुर ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सीधा निशाना साधा

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वाराणसी। लोकसभा चुनाव में वाराणसी संसदीय सीट से सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार और बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन बुधवार को खारिज हो गया। पहले खुद तेज बहादुर ने और बाद में जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। नामांकन खारिज होने पर तेज बहादुर ने कहा कि वह अपने अधिवक्ता के साथ न्यायालय जायेंगे।

तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने की अधिकृत घोषणा न होने से शाम तक इस पर संशय बना रहा। पूरे दिन सोशल मीडिया में इसको लेकर सरगर्मी बढ़ी रही। तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद शालिनी यादव सपा-बसपा गठबंधन की ओर से चुनावी मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टक्कर देंगी। पहले निर्दल और बाद में सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में तेज बहादुर ने सोमवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में अपने प्रस्तावकों और पार्टी नेताओं के साथ नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्र में त्रुटि होने पर तेज बहादुर यादव को चुनाव आयोग ने नोटिस देकर बुधवार को दिन में 11 बजे तक जवाब मांगा था।

नोटिस का जवाब देने के लिए आज पूर्वांह में तेज बहादुर अपने अधिवक्ता और समाजवादी नेताओं के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। अन्दर तेज बहादुर और उनके अधिवक्ता ने अपनी बात रखी। काफी देर तक अधिकृत घोषणा न होने से इस मामले में संशय बना रहा। बाद में तेजबहादुर यादव ने खुद वाराणसी से अपना नामांकन रद्द होने की सूचना मीडिया को दी।

उधर, इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में तेज बहादुर से जवाब दाखिल करने के लिए दिनांक 01-05-2109 लिखी गई जबकि वर्ष 2019 होना चाहिए था। इस त्रुटि को लेकर सोशल मीडिया में खबर चलती देख जिला निर्वाचन अधिकारी ने आनन-फानन में नोटिस का गलती सुधारी और बाद में तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने की अधिकृत रूप से पुष्टि की।

नामांकन खारिज होने पर तेज बहादुर ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सीधा निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीएसएफ की तरफ से चुनाव आयोग को उनकी बर्खास्तगी के सम्बन्ध में पत्र दिया जा चुका है। पत्र में बर्खास्तगी का कारण अनुशासनहीनता बताया गया है। तेज बहादुर ने आरोप लगाया कि पीएमओ के इशारे पर नामांकन पत्र में त्रुटि की जानकारी देर से दी गई। तेज बहादुर के समर्थकों ने डीएम पोर्टिको के बाहर जमकर हंगामा किया। उनके हंगामा प्रदर्शन को देख पुलिस ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर कर दिया। इसको लेकर जिला मुख्यालय पर पूरे दिन गहमागहमी बनी रही।