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छत्तीसगढ़ : अपनी सरकार में भ्रष्टाचार के कारण तीन बार पीएमटी परीक्षा रद्द करने वाली भाजपा घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें

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सर्वर की परेशानियों के कारण प्रवेश पत्र के प्रिंट आउट ना निकल पाने के कारण पीईटी परीक्षा के स्थगित कर तिथि आगे बढ़ाने के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से पीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिये आवेदन किया हुआ कोई भी विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित नहीं रह पायेगा। मुख्यमंत्री का यह निर्णय सहृदयतापूर्ण और साहसिक है और छात्रों के हित में है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस तकनीकी त्रुटि को गंभीरता से लिया है तथा इस मामले में कोताही बरतने वाले दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही के आदेश दिये है। प्रथम दृष्टया जिम्मेदार आठ अधिकारियों को को नोटिस दिया गया है और भी जो दोषी होगा उन सब पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पीईटी परीक्षा मामले में भारतीय जनता पार्टी द्वारा की जा रही बयानबाजी की आलोचना करते हुये कहा है कि भाजपा इस मामले में स्तरहीन गैरजिम्मेदार बयानबाजी कर रही है। पीईटी परीक्षा तकनीकी कारणों से स्थगित की गयी है। इस निर्णय का उद्देश्य सभी बच्चों को अवसर उपलब्ध करवाने को है। भाजपा भूल रही है। उसके शासनकाल में इसी प्रदेश में इसी व्यवसायिक परीक्षा मंडल के द्वारा एक वर्ष में तीन-तीन बार पीएमटी परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था, तब पीएमटी परीक्षा स्थगित करने का कारण पर्चा लीक सामूहिक नकल और रिजल्ट में गड़बड़ियों के बाद मचा शोर था। भाजपा राज में व्यवसायिक परीक्षा मंडल अपनी गड़बड़ियों के कारण बदनाम हो गया था। मुन्ना भाई और सामूहिक नकलन के सूत्रधार भी भाजपा के ही पदााधकारी थे। भाजपा के 15 वर्षो के शासन काल में छत्तीसगढ़ पीएससी भी विवादित हो गया था। छत्तीसगढ़ पीएससी एक वर्ष भी विवादहीन परीक्षा आयोजित नहीं कर पाया। कभी प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी तो कभी रिजल्ट में गड़बड़ी कभी समय पर रिजल्ट नहीं आने के कारण हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होते रहा है। आज एक तकनीकी त्रुटि के कारण छात्रहित में पीईटी की परीक्षा स्थगित हुई है तो भाजपाई घड़ियाली आंसू बहा रहे है। भाजपा शासनकाल में हुई इन बड़ी घटनाओं में रमन सिंह सरकार ने किसी भी प्रकार की कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की थी। जिसका सबसे बड़ा कारण छात्रों और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को भाजपा नेतृत्व द्वारा दिया गया संरक्षण था। भाजपा शासन के ठीक विपरीत कांग्रेस सरकार ने जहां एक ओर सबसे पहले परीक्षा स्थगित करके अभ्यर्थियों की समस्या का निराकरण करने का निर्णय लिया, वहीं दूसरी ओर 8 अधिकारियों को चिप्स और व्यापम के अधिकारियों को नोटिस दे दिए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि ने दावा किया है कि परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी परेशानी खड़ी करने की साजिश रची गई थी जिसका समय रहते भंडाफोड़ हो गया और येन परीक्षा के समय जो बड़ी समस्या खड़ी करने का षड्यंत्र रचा गया था वह उजागर हो गया है। पीईटी की परीक्षा नई तिथि घोषित करके कांग्रेस सरकार द्वारा जल्द से जल्द सुचारू रूप से परीक्षा कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही भी की जायेगी।