Home समाचार आखिर किसकी है मशहूर ‘चूर चूर नान’? हाईकोर्ट पहुंचा मामला

आखिर किसकी है मशहूर ‘चूर चूर नान’? हाईकोर्ट पहुंचा मामला

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

दिल्‍ली की मशहूर चूर-चूर नान के बारे में आपने बहुत सुना होगा और इसे चखा भी होगा. लेकिन अब चूर-चूर नान को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है. यह याचिका चूर-चूर नान के असली मालिक की दावेदारी को लेकर दाखिल की गई है. यह याचिका दिल्ली के पहाड़गंज में एक छोटी की दुकान चलाने वाले प्रवीन कुमार जैन से दाखिल की है.

दिल्ली के पहाड़गंज मार्केट में प्रवीन कुमार जैन खाने की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं. इस दुकान की खासियत उसकी चूर-चूर नान है. प्रवीन का दावा है कि उनके पिता ने 1980 में चूर-चूर नान बनाना शुरू किया था. उनका दावा है कि चूर-चूर नान के स्वाद और ख्याति से उन्हें मार्केट में बढ़त मिली. लेकिन उनके पड़ोसी और प्रतिद्वंदी चूर-चूर नान का प्रयोग रेस्टोरेंट के नाम के तौर पर कर रहे हैं. इसे लेकर प्रवीन ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, प्रवीन जैन के अमृतसरी चूर चूर नान ने प्रतिद्वंद्वी राजन सेठ के टेस्टी फूट- पहाड़गंज के मशहूर चूर चूर के नान को अदालत में घसीट लिया था, लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ‘चुर चूर नान’ एक सामान्य शब्द है, जैसे अमृतसरी कुल्छा, हैदराबादी बिरयानी, मुरथल के परांठे आदि, यह ट्रेडमार्क नहीं हो सकते हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने राजन सेठ को भी चूर-चूर नान का इस्तेमाल करने का अधिकार दे दिया.