Home समाचार अयोध्या में राम मंदिर में इफ्तार का आयोजन, परिसर में ही मुसलमान...

अयोध्या में राम मंदिर में इफ्तार का आयोजन, परिसर में ही मुसलमान भाइयों ने पढ़ी नमाज

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

 श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या का नाम आते ही हिंदू मुस्लिम बिखराव और मंदिर मस्जिद का विवाद ही जेहन में सबसे पहले आता है। ये तस्वीर का दूसरा पहलू है, वास्तविकता ये कि अयोध्या में आज भी हिंदू और मुसलमान भाई बंधु की तरह ही रहते हैं।

अयोध्या में राम मंदिर के विवादित स्थल के पास ही बने श्रीराम मंदिर में मुसलमान भाइयों के लिए इफ्तार का आयोजन किया गया। सरयू कुंज मंदिर में सर्वधर्म समभाव ट्रस्ट ने इस इफ्तार का आयोजन किया था।

इस आयोजन में अयोध्या के कुछ साधु संत और समाजसेवियों ने अहम भूमिका निभाई। दुनियाभर में इस पहल की प्रशंसा हो रही है। अयोध्या के बाहर जहां राम मंदिर विवाद को लेकर लोग एक दूसरे को आंखें दिखाते हैं। वहीं शहर में आज भी हिंदू-मुसलमानों का भाईचारा कायम है।

सिर्फ इफ्तार ही नहीं, बल्कि मंदिर ट्रस्ट ने मुसलमानों के लिए मंदिर के अहाते में ही नमाज अदा करने का इंतजाम किया था। नमाज के दौरान मुस्लिम भाइयों ने देश में अमन चैन और आपसी प्रेम भाव के लिए इबादत की। नमाज की इमामत जलाल सिद्दीकी ने की।

इस बारे में सरयू कुंज के महंत युगल किशोर शरण शास्त्री ने बताया कि आयोजन का मकसद कौमी एकता को मजबूत बनाना है। इस तरह के आयोजनों से दोनों समुदायों में मेलजोल का भाव बढेगा। साथ ही एक बार फिर से राम की भूमि पर गंगा जमुनी तहजीब जीवंत होगी।

हालांकि मंदिर में आयोजित इफ्तार में इस बात का ध्यान रखा गया था कि मांस का इस्तेमाल न हो। मंदिर के साधुओं ने मुस्लिम भाइयों को इफ्तार में खजूर के साथ मंदिर का प्रसाद दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में सिख समुदाय ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। इफ्तार में शरीक हुए मुसलमानों ने कहा कि शहर में उनकी आबादी कम है। अयोध्या के नाम पर देशभर में नफरत परोसी जा रही है। जबकि अयोध्या में रहते हुए उन्हें कभी असुरक्षा का भाव महसूस नहीं हुआ।