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छत्तीसगढ़ : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने हेतु दिशा निर्देश जारी

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आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ई.डब्ल्यू.एस.) के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए है। भारत सरकार के अंतर्गत लोक पदों एवं सेवाओं में तथा शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण के संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तारतम्य में छत्तीसगढ़ में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आय एवं संपत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/तहसीलदार को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

राज्य शासन द्वारा इस संबंध में जारी दिशा-निर्देश के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदक को ‘‘आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र‘‘ प्राप्त करने हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदकों को आवेदन पत्र में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सक्षम प्राधिकारियों द्वारा आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो वर्तमान में आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्रचलित है। प्रमाण पत्र जारी करने के पूर्व उद्घोषणा एवं दावा आपत्ति के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा तहसीलदारों द्वारा उनके क्षेत्राधिकार की सीमा के अंतर्गत ही उक्त प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। सक्षम प्राधिकारी द्वारा आवेदन अमान्य करने के विरूद्ध आवेदक द्वारा संबंधित जिला कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील तथा संभागीय आयुक्त के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत की जाएगी।

आवेदन के साथ प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दस्तावेजों इत्यादि की समुचित जांच व परीक्षण जारीकर्ता अधिकारी द्वारा किए जाने एवं स्वयं संतुष्ट होने के उपरांत ही प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मिथ्या साक्ष्य एवं दस्तावेज के आधार पर प्रमाण पत्र जारी होने पर जारीकर्ता अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही उसी प्रकार की जाएगी जैसा कि मिथ्या जाति प्रमाण पत्र जारी होने पर सक्षम प्राधिकारी के विरूद्ध की जाती है।

आय एवं संपत्ति के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुसार ऐसे उम्मीदवार जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग एवं क्रीमीलेयर योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं और जिनकी पारिवारिक सकल वार्षिक आय आठ लाख रूपए से कम है, उनकी पहचान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रूप में की जाएगी। आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र में आय आवेदन किए गए वर्ष से पहले के वित्तीय वर्ष में सभी स्त्रोतों अर्थात वेतन, कृषि व्यवसाय, पेशे एवं अन्य स्त्रोतों से हुई आय शामिल होगी। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं संलग्न दस्तावेजों का समुचित रूप से परीक्षण एवं सत्यापन कर आवेदन की प्राप्ति की तिथि से अधिकतम एक माह के भीतर प्रमाण पत्र जारी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।