Home राजनीति तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता बोले, प्रियंका गांधी को सौंपी जाए कमान

तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता बोले, प्रियंका गांधी को सौंपी जाए कमान

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

 लोकसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी की कमान छोड़ने को लेकर प्रतिबद्ध हैं और वह अपने रुख को बदलने के बिल्कुल भी मूड में नहीं हैं। राहुल के इस फैसले के बाद तेलंगाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने राहुल गांधी से अपील की है कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी की कमान संभालने दिया जाए। चार बार के विधायक रहे मारी शशिधर रेड्डी ने कहा कि पार्टी काडर को राहुल गांधी के फैसले का सम्मान करना चाहिए। लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से होनी चाहिए।

नेतृत्व में पूरा भरोसा

बता दें कि रेड्डी नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के वाइस चेयरमैन थे। उन्होंने कहा कि उन्हें राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा भरोसा है, लेकिन वह उनकी राय का सम्मान करते हैं, लिहाजा पार्टी को नया अध्यक्ष ढूंढ़ना चाहिए। पार्टी को आगे बढ़ना चाहिए। देशभर में कांग्रेस की उपस्थिति को भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि हमने लोकसभा चुनाव में अधिक सीटें नहीं जीती हैं, लेकिन हमारी उपस्थिति देशभर में है और इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

नेहरू-गांधी परिवार की वजह से कांग्रेस एकजुट

रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी के फैसले का हम सम्मान करते हैं, मुझे लगता है कि जल्द ही फैसला लेना चाहिए। पार्टी को विधानसभा चुनावों के लिए तैयार होना है जोकि इस साल के अंत में होने वाले हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एम चन्ना रेड्डी के बेटे शशिधर रेड्डी ने कहा कि पार्टी इतने लंबे समय तक एकजुट रही इसकी बड़ी वजह यही है कि नेहरू-गांधी परिवार ने इसे अपना नेतृत्व दिया। कुछ लोग इसे वंशवाद कह सकते हैं, लेकिन इसी तरह से कांग्रेस आगे बढ़ी है। ऐसे में अगर राहुल गांधी प्रियंका गांधी के नाम के लिए राजी होते हैं हम काफी काफी खुश होंगे।

बदलाव की जरूरत

इसके साथ ही रेड्डी ने पार्टी के भीतर पूरी तरह से बदलाव की वकालत की है। उन्होंने कहा कि कई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुछ पदों पर लंबे समय से बैठे हैं, उन्हें अब नए लोगों के लिए कुर्सी को छोड़ देना चाहिए। इन वरिष्ठ नेताओं को पार्टी के सलाहकार बोर्ड में शामिल करना चाहिए, जैसा कि भाजपा में मार्गदर्शक मंडल में होता है।