Home छत्तीसगढ़ भारतीय दर्शन का मूल सिद्धांत है मानव समानता : उपराष्ट्रपति

भारतीय दर्शन का मूल सिद्धांत है मानव समानता : उपराष्ट्रपति

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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के निर्माण का आधार मूलत: सहिष्णु सभ्यता हैं और भारतीय दर्शन की तुलना में किसी और दर्शन या धर्म में समानता के सिद्धांत को इतने मौलिक रुप में नहीं अपनाया गया है।

भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने दोहराया कि भारत एक ऐसी भूमि है जो विविध विचारों और दर्शन की जननी है, जो हर समय फली-फूली है।

पिछले सप्ताह अमेरिका के विदेश विभाग ने अपने वार्षिक 2018 अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि ”भारत में 2018 में हिंसक कट्टरपंथी हिंदू समूहों द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों खासकर मुस्लिमों के खिलाफ भीड़ के हाथों हमले किये गये।” इस रिपोर्ट पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जतायी। पार्टी ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार के प्रति साफ तौर पर पक्षपाती रवैया दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर यहां स्मारक सिक्का जारी करते हुए कहा कि भारतीय समाज की विविधता तो तीसरी सदी ईसापूर्व के सम्राट अशोक के अभिलेखों में ही परिलक्षित होती है।