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इस राज्य ने किया कुंवारी लड़कियों का मोबाइल फोन बैन, कांग्रेस की महिला विधायक ने भी किया समर्थन

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गुजरात के बनासकांठा जिले के 12 गांवों में क्षत्रिय ठाकोर समुदाय ने कुंवारी लड़कियों को मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने देने का सामुदायिक नियम बनाया है जिसे कांग्रेस की स्थानीय महिला विधायक गनीबेन ठाकोर ने अपना समर्थन भी दिया है।

18 साल तक मोबाइल फोन से रहें दूर 
ठाकोर जो वाव क्षेत्र की विधायक हैं ने आज पत्रकारों से कहा कि दांतीवाड़ा के 12 गावों में समुदाय ने जो नियम बनाये हैं उनमें से कई का वह समर्थन करती हैं। उन्होंने कहा, ‘टेक्नोलॉजी के इस जमाने में जब तक लड़कियों की शादी नहीं होती तब तक या 18 साल की उम्र तक उन्हें मोबाइल फोन से दूर रह कर पढ़ाई लिखाई करनी चाहिए और इसमें कुछ गलत भी नहीं है। मैं तो इस मामले में सरकार से भी सहयोग की अपेक्षा रखती हूं।

गरीब समाज के लिए बजटमें 1900 करोड़ का प्रावधान
गरीब समाज के बच्चे बच्चियों के लिए 1900 करोड़ रूपये का बजटीय प्रावधान है और ऐसे में हम उन्हें मोबाइल से दूर नहीं रखेंगे तो क्या होगा।’ उन्होंने कहा कि अंतरजातीय विवाह को संवैधानिक रूप से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।

ज्ञातव्य है कि दांतीवाड़ा के जेगोल गांव में गत रविवार को क्षत्रिय ठाकोर जाति की बैठक में कई नियम बनाये गये थे जिसमें सभी प्रकार के समारोहों में डीजे और पटाखे के उपयोग पर प्रतिबंध, कुंवारी लड़कियों को मोबाइल नहीं देने और उनके पास से इसके पकड़े जाने पर माता पिता को जिम्मेदार ठहराने, घर से भागने पर लड़की के पिता पर डेढ़ लाख और लड़के के पिता पर दो लाख रूपये का दंड लगाने जैसी बाते शामिल थीं।