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अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली खेप पहुंची हिंडन एयरबेस, इसकी खासियतों से घबराएगा दुश्मन

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भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों के बेड़े में आज एक नया सदस्य शामिल हो गया। ये है अमेरिकी लड़ाकू एएच-64ई अपाचे गार्डियन अटैक हेलीकॉप्टर जिसका इंतजार भारतीय वायुसेना को काफी समय से था और आज यह इंतजार खत्म हो गया। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इसकी पहली खेप बोइंग एएच-64 ई अपाचे गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच गया है।

शनिवार (27 जुलाई) को इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर की पहली खेप भारतीय वायुसेना के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच रही है। इस खेप में 3-4 हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। भले ही शनिवार को अपाचे हेलीकॉप्टर आज भारत पहुंच रहे हैं लेकिन पठानकोट में इन्हें रूसी विमान एमआई-35 की जगह लेने में और स्क्वाड्रन में तैनाती के लिए एक महीने का इंतजार करना होगा।

मालूम हो कि भारत ने अमेरिका से 22 हेलीकॉप्टर खरीदे हैं। बताया जा रहा है कि आज (27 जुलाई) यह एन 224 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंच जाएगा। अगस्त के आखिरी हफ्ते में यह भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से पठानकोट में तैनात हो जाएगा।

भारतीय सेना में शामिल होने वाला नया जंगी जहाज (हेलीकॉप्टर) अपाचे अनूठी और अपार युद्धक क्षमताओं से लैस है। अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय सेना की रक्षात्मक क्षमता तो बढ़ाएगा ही इससे सेना को जमीन पर मौजूद खतरों से लड़ने में भी मदद मिलेगी। अपाचे भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को भी रफ्तार देगा।

अमेरिका ने इस हेलीकॉप्टर का भरपूर इस्तेमाल इराक और अफगानिस्तान में किया और इजरायल भी गाजा में इसी हेलीकॉप्टर के दम पर अपने दुश्मनों पर कहर ढाता रहा है। अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह वॉर जोन में लड़ाई के समय कतई फेल न हो।

जानकारी के अनुसार पठानकोट में एएच-64ई अपाचे के पहले कमांडिंग अफसर ग्रुप कैप्टन एम शायलू होंगे। पठानकोट में तैनात वायुसेना की 125 हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन वर्तमान में एमआई-35 उड़ाती है और अब ये देश की पहली अपाचे स्क्वाड्रन होगी। दूसरी स्क्वाड्रन असम के जोरहाट में तैनात होगी। आगे जानिए इसकी खासियतें…

अपाचे की खासियतें * इसकी अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। 
* अपाचे को रडार से पकड़ना बेहद मुश्किल है।
* सबसे खतरनाक हथियार : 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता।
* हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं।
* अपाचे की फ्लाइंग रेंज करीब 550 किलोमीटर है। 
* अपाचे हेलीकॉप्टर एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है।
* नाइट विजन सिस्टम की मदद से रात में भी दुश्मनों की टोह लेने, हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट दागने और मिसाइल आदि ढोने में सक्षम।
* अपाचे दुनिया के उन चुनिंदा हेलीकॉप्टर्स में शामिल है जो किसी भी मौसम या किसी भी स्थिति में दुश्मन पर हमला कर सकता है।