Home समाचार मछुआरा बोला : मैंने की ऐसे बचाने की कोशिश, मेरे सामने नदी...

मछुआरा बोला : मैंने की ऐसे बचाने की कोशिश, मेरे सामने नदी में कूद गए थे सिद्धार्थ

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

 देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन ‘कैफे कॉफी डे’ के फाउंडर-मालिक और पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ के मामले में नया मोड़ आ गया है। बताया जा रहा है कि शाम के वक्त के वह नेत्रवती नदी के पास टहल रहे थे, फिर वह अचानक नदी में कूद पड़े, ऐसा करते उन्हें एक मछुआरे ने देख लिया। उन्होंने कहा कि वह सिद्धार्थ को नदी पर बने पुल के पिलर नंबर 8 से नदी में कूदते देखा था। वह उनकी जान बचाना चाहते थे, लेकिन अंधेरा रहने के कारण ढूंढ नहीं पाया।

वहीं, पुलिस ने आशंका जताई है कि संभवत: उन्होंने मंगलुरू के निकट एक नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली होगी। मंगलुरू के पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने कहा, “आशंका है कि सिद्धार्थ मंगलुरू के निकट नेथरावती नदी में कूद गए होंगे, हालांकि व्यापक तलाशी अभियान के बावजूद उनका शव अभी बरामद नहीं हुआ है।”

इससे पहले सिद्धार्थ (60) के कार चालक बसवराज पाटिल ने मंगलुरू में एक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया था कि उनके मालिक पुल से लापता हो गए थे, जहां वह कार से उतरे थे और कुछ देर टहलना चाहते थे।

इससे पहले वीजी सिद्धार्थ की चिट्ठी भी मिली थी, जिसमें उन्होंने वित्तीय संकट की बात कही थी। यह चिट्ठी, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और कॉफी डे फैमिली को लिखी है।

कैफे कॉफी डे के संस्थापक और मालिक वीजी सिद्धार्थ की तलाश में एनडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया है।

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि इस घटना पर विश्वास करना मुश्किल है, मैंने जांच कराये जाने के लिए कहा है, हमें नहीं पता कि वह लापता हैं या कोई उन्हें ले गया है।