Home समाचार नशे में घाघरा-चोली पहन राधा बन जाते थे तेजप्रताप : ऐश्वर्या का...

नशे में घाघरा-चोली पहन राधा बन जाते थे तेजप्रताप : ऐश्वर्या का आरोप

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

बता दें, तेजप्रताप यादव का ऐश्वर्या के साथ तलाक का केस चल रहा है. तेजप्रताप की ओर से फाइल किए गए केस के जवाब में ऐश्वर्या ने ये बातें कोर्ट में कही हैं.

तेजप्रताप खुद को मानते हैं शिव का अवतार

ऐश्वर्या ने तेज प्रताप को लेकर कई खुलासे किए हैं. ऐश्वर्या ने कहा है कि शादी के बाद उनको पता चला कि तेजप्रताप गांजा पीने के आदी हैं और वो नशे में उनके साथ मारपीट भी किया करते थे.

साथ ही तेजप्रताप गांजे के नशे में खुद को शिव का अवतार बताते थे.

ऐश्वर्या राय, तेजप्रताप की पत्नीतेजप्रताप राधा-कृष्ण के कपड़े पहनते थे. शादी के बाद मुझे ये सब पता चला कि वो भगवानों के कपड़े पहनकर तैयार होते थे. एक बार तो वो नशा करने के बाद घाघरा और चोली पहनकर राधा की तरह तैयार हो गए और उन्होंने मेकअप भी किया और विग भी पहन ली.

राबड़ी से भी कर चुकी हैं शिकायत

ऐश्वर्या के मुताबिक, वो इस बारे में अपने ससुराल वालों से बात कर चुकी हैं लेकिन किसी ने मदद नहीं की. ऐश्वर्या ने बताया कि वो अपनी सास राबड़ी देवी और ननदों को इस बारे में बता चुकी हैं. सबने इस बात के लिए आश्वस्त कराया कि अब तेजप्रताप ऐसा नहीं करेंगे लेकिन वो नहीं बदले.

तेजप्रताप और ऐश्वर्या की शादी मई, 2018 में हुई थी. शादी के 5 महीने बाद ही तेजप्रताप ने तलाक का केस किया था.

तेजप्रताप ने कहा, ‘गांजा तो भोले का प्रसाद है’

ससुराल वालों के अलावा ऐश्वर्या ने तेजप्रताप से भी उनकी आदतों को लेकर शिकायतें की थी. जब ऐश्वर्या ने तेजप्रताप को कहा को वो गांजे की आदत छोड़ दें तो इसके जवाब में तेजप्रताप ने कहा था, ”गांजा तो भोले बाबा का प्रसाद है उसको कैसे मना करें?” तेजप्रताप गांजे के नशे में कहते थे,”कृष्ण ही राधा है राधा ही कृष्ण है”

तेजप्रताप, ऐश्वर्या से उनकी शिक्षा को लेकर भी ऊलजुलूल बातें किया करते थे. तेजप्रताप कहते थे कि तुम खाना बनाने और परिवार संभालने के लिए ही हो.

ऐश्वर्या राय फिलहाल अपने ससुराल में ही रह रहीं हैं. ऐश्वर्या ने फैमिली कोर्ट से प्रोटेक्शन ऑफ विमेन अगेन्स्ट डॉमेस्टिक वायलेंस एक्ट, 2005 के सेक्शन 26 के तहत सुरक्षा की मांग की है.