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यहां आज भी आते हैं राधा-कृष्ण, जिसने भी देखा वो हो गया पागल !

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मथुरा-वृंदावन समेत देशभर में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी जोरों पर है। भगवान श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का एक अवतार माना जाता है। भाद्रपद अष्टमी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। यह हिन्दुओं का खास त्योहार है। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 23-24 अगस्त को पड़ रही है।

मान्यता है कि वृंदावन में स्थित निधिवन में आज भी हर रात कृष्ण, गोपियों संग रासलीला करते हैं। इसलिए सुबह से दर्शन के लिए खुला रहने वाला निधि वन शाम को बंद हो जाता है और शाम के समय यहां किसी को रुकने नहीं दिया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिसने भी यह रासलीला देखने के की कोशिश की वह या तो वह पागल हो गया या फि‍र उसकी मौत हो गई। वन के आसपास बने मकानों में खिड़कियां नहीं हैं। इतना ही नहीं निधिवन में दिन में रहने वाले पशु-पक्षी भी शाम होते ही निधिवन को छोड़कर चले जाते हैं।

बताया जाता है कि निधिवन में मौजूद तुलसी के पेड़ है गोपियां बनती हैं। यहां तुलसी का हर पेड़ जोड़े में है। इसके पीछे यह मान्यता है कि जब राधा संग कृष्ण वन में रास रचाते हैं तब यही जोड़ेदार पेड़ गोपियां बन जाती हैं। जैसे ही सुबह होती है तो सब फिर तुलसी के पेड़ में बदल जाती हैं। निधिवन में लगे पेड़ों की डालें ऊपर की तरफ बढ़ने की बजाए जमीन की ओर बढ़ती हैं। फिलहाल यहां रास्ता बनाने के लिए पेड़ों को डंडे के सहारे रोका गया है।