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केबीसी में उन्नाव की नूपुर, जन्म पर नर्स ने फेंक दिया था डस्टबिन में, जानें रुला देने वाली इस दिव्यांग की कहानी

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कौन बनेगा करोड़पति में हॉट सीट पर बैठकर उन्नाव की नूपुर ने जिले को गौरवान्वित कर दिया। महानायक अभिताभ बच्चन के सवालों के जवाब देकर नूपुर ने गुरुवार को 10 हजार रुपये जीते। शुक्रवार रात नौ बजे वह एक बार फिर अमिताभ के सवालों के जवाब देते नजर आएंगी। दिव्यांग होने के बाद भी नूपुर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह जज्बे के साथ अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाती रहीं और अमिताभ हर जवाब पर ताली बजा उत्साहवर्धन करते रहे।

उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र के कपूरपुर गांव के रहने वाले रामकुमार सिंह की बेटी नुपूर किसान परिवार से हैं। जन्म के छह माह बाद जब माता-पिता को विकलांगता का पता चला तो उसे ठीक कराने के लिए काफी दौड़-भाग की लेकिन हकीम-वैध और डॉक्टरों की दवा उसे ठीक न कर पाई। बड़े होने पर कानपुर के एक विकलांग स्कूल में दाखिला करा दिया। नूपुर की काबिलित देखकर शिक्षकों ने सामान्य स्कूल में पढ़ने की सलाह दी। फिर उसका कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन हुआ। कुछ समय बाद नूपुर को उसके नाना जगतपाल और नानी पद्मा सिंह कानपुर स्थित घर गांधीग्राम ले आए। बाल भवन फूलबाग में प्रारंभिक ट्रेनिंग लेकर वह सामान्य बच्चों की श्रेणी में आ गई। केबीसी में जाने के लिए वह काफी समय से प्रयासरत थी।

झांसी की रानी की तरह आगे बढ़ने का संकल्प

हॉट सीट पर अमिताभ के सामने बैठकर नूपुर ने कहा कि झांसी की रानी की तरह उसका जीवन संघर्षों से भरा है। महिलाओं को ऐसा काम करना चाहिए जो लोगों के लिए नजीर बने। अपने बल पर खड़ी होकर महिलाएं बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं।

नूपुर की कहानी पर आंखें नम

अमिताभ के सामने अपने जीवन की कहानी बताते हुए नूपुर की आंखें नम हो गईं तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। नूपुर ने कहा कि पैदा होने के बाद नर्स ने उसे डस्टबिन में फेंक दिया था। रिश्तेदार के पैसा देने के बाद नर्स ने उसे डस्टबिन से निकालकर साफ किया और ठोका तो रोने लगी। उसके बाद 12 घंटे लगातार रोती ही रही थी। डॉक्टरों की ओर से सही इलाज न मिलने की वजह से आज उसका यह हाल है। उसने नसीहत दी कि एमबीबीएस और उससे भी बड़ी डिग्री लेने के बाद जब डॉक्टर गंभीरता नहीं दिखाते हैं तो किसी की जिंदगी किस तरह बर्बाद होती है उसका सजीव प्रमाण वह खुद है।

ट्यूशन के साथ जारी रखी पढ़ाई

नूपुर स्नातक की पढ़ाई करने के बाद इंटरमीडिएट तक के बच्चों को ट्यूशन देती थी। उसका कहना है कि कुछ भी हो पर कभी किसी का सहारा नहीं बनना चाहिए। अपने जज्बे और हौसले से बुलंदी छूने के अरमान हमेशा से ही उसके जेहन में रहे।

उन्नाव में खुशी की लहर

गुरुवार को जब नूपुर ने अमिताभ के सवाल के जवाब दिए तो उन्नाव के लोगों की खुशी का ठिकाना न था। रात 9 बजे जैसे ही केबीसी शुरू हुआ तो लोग कामकाज छोड़कर बेटी को करोड़पति बनाने की मन्नतें मांगने लगे। हर कोई हाथ जोड़कर ईश्वर से कामना करता रहा।