Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ पेंशन पाने 80 साल के बुजुर्ग काट रहे कलेक्टोरेट का चक्कर

छत्तीसगढ़ पेंशन पाने 80 साल के बुजुर्ग काट रहे कलेक्टोरेट का चक्कर

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पेंशन राशि का नियमित भुगतान नहीं होने से 70 से 80 साल के बुजुर्गों को कलेक्टर कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। कोरबा ब्लॉक के ग्राम मदनपुर के 23 बुजुर्गों को पिछले 13 माह पेंशन की राशि नहीं मिली है। शिकायत करने में ज्यादातर महिलाएं थीं, जिन्हें विधवा पेंशन के तहत भुगतान किया जाना है।

बुजुर्गों ने बताया कि पेंशन योजना में उनका नाम जुड़ गया है। इसके अलावा बैंक में खाता भी खोला जा चुका है। आधार नंबर भी खाता में जोड़ दिया गया है। इसके बाद भी राशि उनके खाते में प्रदाय नहीं की जा रही है। बुजुर्गों का कहना कि ऑनलाइन भुगतान में समस्या बताकर गांव के सचिव और सरपंच राशि का आहरण कर रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि उनकी पेंशन राशि खाते में प्रदाय की जाए, ताकि वे खुद आहरण कर सकें। शिकायत लेकर पहुंचीं महिलाओं में उतरा, अमीना, शशी आदि महिलाएं शामिल थीं। विडंबना यह भी है उम्रदराज बुजुर्गों को लंबी दूरी तय कर कलेक्टोरेट आना पड़ रहा है। यह समस्या केवल मदनपुर की ही नहीं बल्कि अन्य कई गांव की है।

स्थाई विकल्प निकालने में विभागीय अधिकारियों की ओर से रुचि नहीं लिए जाने के कारण बुजुर्गों को पेंशन योजना का सही लाभ नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर समाज कल्याण विभाग से बुजुर्गों का वेरिपिᆬकेशन नहीं कराए जाने से पात्र बुजुर्गों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। समाजा कल्याण विभाग का सचिवों पर कोई नियंत्रण नहीं है। पंचायत के कर्मचारी होने के कारण उन्हें विभाग के अधिकारी के आदेश से कोई सरोकार नहीं होता। इस मामले में पंचायत अधिकारियों की ओर से सुध नहीं लिए जाने से बुजुर्गों का अहित हो रहा है।