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फ्रांस में मारिस मुर्गे ने जीता केस, बांग देने के समर्थन में कोर्ट और लाखों लोग

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पिछले कुछ दिनों से फ्रांस में एक मुर्गा सुर्खियों में छाया हुआ है। मॉरिस नाम के मुर्गे पर मामला इतना गंभीर हो गया कि कोर्ट को अपना फैसला सुनाना पड़ा। फिलहाल कोर्ट ने मुर्गे के पक्ष में फैसला सुनाया है और इस केस में मुर्गे की जीत हुई।

दरअसल, कोर्ट में इस मुर्गे की बांग पर सुनवाई चल रही थी। मुर्गे के मालिक क्रोनी के पड़ोसी को उसके बांग देने से एतराज था। मामला इतना बढ़ गया कि यह मामला कोर्ट में खिंच गया।

मालूम हो कि मुर्गा फ्रांस का प्रतीक है। जब यह मामला कोर्ट में गया तो इसे लेकर राष्ट्रीर स्तर की बहस शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर लोग अपनी राय रखने लगे। कुछ मुर्गे के बांग देने के पक्ष मे थे तो कुछ नहीं।

कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि मुर्गा तो आखिर मुर्गा है और उसे बांग देने का पूरा अधिकार है। क्रोनी के वकील ने बताया, ‘मॉरिस केस जीत गया है और इसके लिए वह अपने मालिक को हर्जाने के रूप में 1000 यूरो देगा।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुर्गे की बांग को लेकर लोग शहरी और ग्रामीण लोग बंट गए। शहरी लोगों का कहना था कि मुर्गे के सुबह-सुबह बोलने से उनकी नींद में खलल पड़ता है। पड़ोसी ने ध्वनि प्रदूषण का भी दावा किया था। वहीं ग्रामीणों को इसपर कोई ऐतराज नहीं था।

बता दें कि मॉरिस नाम के इस मुर्गे पर छिड़ी बहस ने लाखों लोगों को एकजुट कर दिया और लोगों ने उसके समर्थन में ‘सेव मौरिस’ अभियान तक चला दिया था।