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मंगोलियाई राष्ट्रपति खल्टमागीन बाटुल्गा की भारत यात्रा से और गहरे हुए आध्यात्मिक व सांस्कृतिक संबंध

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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पिछले साल मंगोलिया दौरे के दौरान कहा था कि भारत और मंगोलिया के बीच अनूठी भागीदारी है, जो सुविधा के आधार पर न होकर विश्वास एवं आध्यात्मिक शक्ति से जुड़ा है। बौद्ध धर्म के जरिए आध्यात्मिक जुड़ाव ने आपसी संबंधों को मजबूती दी।

शुक्रवार को इस आध्यात्मिक जुड़ाव को तब और मजबूती मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंगोलियाई राष्ट्रपति खल्टमागीन बाटुल्गा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नई दिल्ली से 3600 किमी दूर उलानबटोर के गंडान मठ में भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण किया।

मंगोलिया के राष्ट्रपति द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। शुक्रवार को उन्होंने पीएम मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण किया।

भारत के साथ हमारे सदियों पुराने संबंध: बाटुल्गा

इस दौरे को लेकर राष्ट्रपति खल्टमागीन बाटुल्गा ने कहा, ‘मैं भारत की राजकीय यात्रा पर आकर बहुत खुश हूं। भारत के साथ हमारे सदियों पुराने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। 1992 में मंगोलिया ने पहला लोकतांत्रिक संविधान अपनाया और 1994 में मंगोलिया के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति ने भारत की पहली राजकीय यात्रा की। इसके बाद साल 2009 में मंगोलिया के राष्ट्रपति त्सखिआगिन एल्बेगडोर भारत यात्रा पर आए। उसके दस साल बाद मैं भारत की राजकीय यात्रा पर हूं। इससे पहले मई 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक आधिकारिक यात्रा पर आए थे।’

राष्ट्रपति खल्टमागीन बाटुल्गा का इससे पहले राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इसके अलावा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से भी मिले और राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे राष्ट्रपति खल्टमागीन बाटुल्गा

अपने इस दौरे पर राष्ट्रपति खल्टमागीन बाटुल्गा ऊर्जा, आपदा प्रबंधन, रक्षा, सुरक्षा, संस्कृति और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रपति बातुल्गा नई दिल्ली में भारत-मंगोलिया व्यापार मंच में भी भाग लेंगे। यात्रा के दौरान मंगोलियाई राष्ट्रपति आगरा का दौरा करेंगे, जहां वे एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वह कर्नाटक जाने से पहले बोधगया भी जाएंगे, जहां राज्यपाल वजुभाई वाला से बातचीत करेंगे और आखिरी दिन यानी 23 सितंबर को एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

2015 में मंगोलिया जा चुके हैं पीएम मोदी

पीएम मोदी सत्ता में आने के एक साल बाद 2015 में मंगोलिया यात्रा पर गए थे। इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में नया जोश देखने को मिला था। इस दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने के साथ भारत ने ढांचागत क्षेत्र के विकास के लिए मंगोलिया को एक बिलियन डॉलर का क्रेडिट लाइन भी दिया। उसके बाद जून 2017 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री मोदी और मंगोलिया के प्रधानमंत्री की मुलाकात हुई थी।

रूस के व्लादिवोस्तोक में भी हुई मुलाकात

इसी सितंबर महीने की शुरुआत में रूस के व्लादिवोस्तोक में प्रधानमंत्री मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति खल्टमागीन बाटुल्गा की मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करने समेत द्विपक्षीय हित के विभिन्न मामलों पर बातचीत की। खासतौर पर मंगोलिया में एक बड़ी तेल रिफाइनरी के निर्माण के लिए भारत द्वारा मुहैया कराई जा रही सहायता पर विशेष चर्चा हुई। दोनों नेताओं की मुलाकात रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में आयोजित पूर्वी आर्थिक मंच (ईईएफ) की पांचवीं बैठक के इतर हुई थी।

मंगोलिया से ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबध

भारत और मंगोलिया के सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबध रहे हैं। 1955 में भारत तत्कालीन समाजवादी ब्लाक से अलग पहला देश था, जिसने मंगोलिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए। भारत ने संयुक्त राष्ट्र और नैम की सदस्यता हासिल करने में मंगोलिया को समर्थन दिया था।

2015 में भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मनाई गई। रक्षा सहयोग के लिए भारत-मंगोलिया का संयुक्त कार्यदल स्थापित है, जो प्रत्येक वर्ष बैठक आयोजित करता है। भारत सरकार उच्च शिक्षा में हर साल मंगोलियाई नागरिकों को 40 छात्रवृत्तियां प्रदान करता है। भारत-मंगोलिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमडीक ऐलीफेंट’ हर साल आयोजित किया जाता है, जिसकी शुरुआत 2004 में हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि मंगोलिया में हिंदी फिल्में काफी लोकप्रिय हैं। वहां प्रसिद्ध धारावाहिक ‘महाभारत’ का मंगोलिया भाषा में डब किया गया और उलानबटोर टीवी पर प्रसारित किया गया।