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छत्तीसगढ़ : फेल हुआ आनलाइन परीक्षा का सिस्टम, नेटवर्क ढूंढने के लिए छत और पेड़ों पर चढ़े नजर आए शिक्षक

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छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा व्यवस्था के डिजिटलाइजेशन की दिशा में इन दिनों काम चल रहा है, लेकिन सिस्टम इसमें खुद ही उलझता जा रहा है। आनलाइन पढ़ाई और परीक्षा को लेकर की जा रही सारी कवायदें तकनीकी कमियों की वजह से फेल होती नजर आ रहीं हैं। शनिवार को राज्य के विभिन्न केंद्रों में पहली और दूसरी कक्षा के लिए स्टेट लेवल एसेसमेंट परीक्षा शुरू हुई। नेटवर्क की समस्या और दिए गए पासवर्ड से लिंक नहीं खुलने से शिक्षक परेशान नजर आए। नेटवर्क ढूंढने के लिए स्कूल के कर्मचारी पेड़ों और छतों पर चढ़कर मशक्कत करते नजर आए।

एक दिन पूर्व स्टेट लेवल से लिंक भेजा जाता है उसे खोलने पासवर्ड दिया जाता है। सभी शिक्षकों के पास लिंक और पासवर्ड तो पहुंच गए पर ऐन परीक्षा के समय पासवर्ड डालने पर लिंक नहीं खुला और परीक्षा शुरू नहीं हो सकी है।

चल रही है राज्य स्तरीय आंकलन परीक्षा

सयुंक्त शिक्षाकर्मी, शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रांत अध्यक्ष केदार जैन ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 14 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक सावधिक आंकलन व फार्मेटिव आंकलन परीक्षा आयोजित है। जो ऑनलाइन प्रक्रिया से होना है। ग्रामीण क्षेत्रो में मोबाइल सर्वर/नेटवर्क नहीं होने से पूरी प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। एक ही काम को चार से पांच बार अलग-अलग तरीके से करने को लेकर इन दिनों शिक्षक पढ़ाने के बजाय इन कामों में व्यस्त है।

टीम्स टी एप, टेबलेट में जानकारी अपलोड करने, आंकलन करने और दशहरा व दीपावली अवकाश के चलते पढ़ाई ठप हो गई है। आखिर शिक्षा के गुणवत्ता के गिरते स्तर के लिए जिम्मेदार कौन? टीम्स टी-एप अभी तक सारे शिक्षकों का डाटा अपडेट नहीं हो पाया है।

प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने स्टेट लेवल आंकलन परीक्षा गत वर्ष से ली जा रही है। इस वर्ष भी परीक्षा शुरू हुई। तीसरी से आठवीं तक की परीक्षा समाप्त हो गई है । पहली और दूसरी की परीक्षा शनिवार से ली जानी थी। सुबह 7ः30 बजे जयपुर बधो स्कूल पहुंचे और शिक्षकों ने अपनी मोबाइल निकाल पासवर्ड डालकर प्रश्न देखने की कोशिश की तो लिंक खुला ही नहीं और घंटों परेशान रहे। एक दूसरे स्कूल से संपर्क शुरू हुआ। सभी जगह ऐसी ही स्थिति बताई गई । सरगुजा जिले के साथ सूरजपुर, बलरामपुर जिले में भी ऐसी जानकारी सामने आई है। गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने हर वर्ष प्रदेश स्तर से नवाचार किया जाता है। इससे शिक्षक खासे परेशान होते हैं। गुणवत्ता तो सुधरती नहीं पर माहौल ऐसा बनाया जाता है जैसे कुछ दिन में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बेहतर हो जाएगी। स्टेट लेवल आंकलन परीक्षा में किस तरह की लापरवाही व खामियां हैं इसका पता तो गत वर्ष ही चल गया था। पेपर लीक हो चुके थे और कई जगह आधे-अधूरे प्रश्न पत्र पहुंचे थे । ऐसे में ब्लैक बोर्ड में लिखकर और प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी कराने की मजबूरी हो गई थी । इस बार भी तिमाही परीक्षा की तर्ज पर स्टेट लेबल असेसमेंट परीक्षा ली जा रही है। इसका स्वरूप बदल दिया गया है। मोबाइल पर सबकुछ उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि सरगुजा बलरामपुर व सूरजपुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्शन ठीक नहीं होने के कारण मोबाइल भी काम नहीं करता। ऐसे में पासवर्ड डालकर लिंक को खोलना और प्रश्नपत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखना आसान नहीं होता। यहां की भौगोलिक स्थिति ऐसी नहीं कि हर जगह इंटरनेट की बेहतर व्यस्था हो।

वर्जन…

रायपुर में करीब 100 शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी तकनीकी दिक्कतों के कारण अभी टीम्स टी एप पर जानकारी अपडेट नहीं हो पाई है।

– जीआर चंद्राकर, डीईओ-रायपुर.