Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़िया विद्यार्थी गढ़ेंगे स्टार्ट-अप से नई तकनीक की कहानी

छत्तीसगढ़िया विद्यार्थी गढ़ेंगे स्टार्ट-अप से नई तकनीक की कहानी

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

छत्तीसगढ़िया विद्यार्थियों में असीम प्रतिभा है, वह दिन दूर नहीं जब यहां के विद्यार्थी स्टार्ट-अप के जरिए नई तकनीक की कहानी गढ़ेंगे। इससे देश को एक नई ऊंचाई मिलेगी। शनिवार को इज ऑफ ड्यूंग बिजनेस एमएसएमई और स्टार्ट-अप योजना के प्रचार-प्रसार के लिए शहीद स्मारक भवन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में उक्त बातें कलेक्टर एस. भारतीदासन ने कही।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप आज की बहुआयामी आवश्यकता बन गया है। वर्तमान युवा पीढ़ी की सोच बेहद सकारात्मक है और वे ऊर्जा से भरपूर हैं। जब कोई चीज अपने शिखर पर होती है, तब उसके द्वारा लिए गए निर्णय एवं कार्य काफी परिणाममूलक होते हैं। इस मौके पर औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों, उद्योगपतियों, तकनीकी कॉलेज और आइटीआइ के विद्यार्थियों समेत रायपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद जिले के महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

यहां दे अपने स्टार्ट अप शुरू करने की जानकारी

जिला व्यापार एवं उद्योग कार्यालय के उप संचालक संजय राणा ने कहा कि स्टार्ट-अप प्रारंभ करने के इच्छुक युवा हेल्पलाइन नंबर- 1800-233-3943 पर सम्पर्क कर सकते हैं। जिला अग्रणी बैंक के अधिकारी ने स्टार्ट-अप सहित विभिन्न बैंकिंग सेवाओं और योजनाओं की जानकारी दी।

तीन सौ उद्यमियों ने कराया है स्टार्ट अप के लिए पंजीयन

ई. एड वाय. के कन्सल्टेंट प्रभु मेनन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नए विचारों और उद्यमिता संबंधी विचारों को प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाने की दृष्टि से चिप्स के माध्यम से सिटी सेंटर मॉल पंडरी में 36 आइएनसी नाम से और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, शंकराचार्य तकनीकी संस्थान भिलाई में इंक्यिूबेटर लैब बनाया गया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ में फेब (फेब्रिकेशन) लैब भी है। छत्तीसगढ़ के युवा इंक्यिूबेटर लेब में अपने विचारों को मूर्तरूप देने के लिए तथा विभिन्न योजनाओं के लिए जिला उद्योग केंद्रों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ में करीब तीन सौ उद्यमियों ने स्टार्ट-अप के लिए पंजीयन कराया है, जिसमें से लगभग डेढ़ सौ उद्यमी रायपुर जिले के हैं, इसके बाद दुर्ग और बिलासपुर जिले के हैं।