Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिकों ने मुनगे से बना दी शुगर फ्री चॉकलेट

छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिकों ने मुनगे से बना दी शुगर फ्री चॉकलेट

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सब्जी के रूप में पहचाने जाने वाले मुनगा का स्वाद अब चॉकलेट, मिठाई में भी मिल सकेगा। पौष्टिकता से भरपूर मुनगे को कृषि वैज्ञानिकों ने मिठाई और चॉकलेट का रूप दिया है। मीठे के शौकीन लोगों और बच्चों के लिए मुनगे की यह शुगर फ्री मिठाई स्वादिष्ट और पौष्टिकता से भरपूर भी है। साथ ही बाजार में मिल रहे अन्य उत्पादों की तुलना में सस्ती है। पेरियाकुलम मुनगा (पीकेएम.1) की पत्तियों से चॉकलेट, मिठाई, बिस्किट, टी जैेसे कई खाद्य पदार्थ कृषि विश्वविद्यालय ने तैयार किया है। रिसर्च के रूप में मिली इस सफलता के पीछे विवि के कृषि विज्ञान केंद, राजनादगांव के वैज्ञानिकों की मेहनत है। तमिलनाडु में ईजाद हुए पीकेएम-1 मुनगा की पत्तियों के माध्यम से यह संभव हो पाया है, जिससे अब बड़े स्तर पर देने की तैयारी विवि में चल रही है।

भाभा अनुसंधान का मिला सहयोग

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई के सहयोग से मुनगा की पत्तियों पर रिसर्च कर विभिन्न मूल्य-वर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। वहीं इस रिसर्च को लोगों तक पहुंचाने के लिए स्व सहायता समूह को जोड़ा जाएगा, जिससे बाजार में सेलिंग कर आमदनी कर सकें। विवि की तरफ से प्रोजेक्ट को लेकर समूह को प्रशिक्षण, मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे चॉकलेट की कीमत सात रुपये से और कम हो जाएगी।

चॉकलेट में 32 फीसद मुनगा की पत्ती

विवि कुलपति डॉ संजय पाटील ने बताया कि मुनगा पत्ती कड़वे होने के कारण बच्चे एवं युवा इससे दूर रहना चाहते है। इसलिए विश्वविद्यालय ने बच्चों को ध्यान में रखकर मुनगा चॉकलेट निर्मित किया है। जिसे बच्चे जन्मदिन या किसी कार्यक्रम में कभी भी इसका उपयोग कर सकते है। इसे तैयार करने के लिए मिल्क पाउडर, कोको पाउडर, मुनगा पत्ती पाउडर प्रमुख सामग्री शामिल है। जिसमें मुनगा पत्ती पाउडर का 32 प्रतिशत उपयोग किया जाता है।

सब्जी के रूप में प्रचलित है मुनगा

छत्तीसगढ़ राज्य की मुनगा एक परंपरागत सब्जी है, क्योंकि यहां मुनगा घर-घर में लगाया व उपयोग में लाया जाता है। यह एक अलग विशिष्ट तथा लुभावने स्वाद के कारण प्रसिद्ध है। मुनगा के वृक्ष का फल, पत्ती, फूल, तना सभी उपयोग में लाये जाते हैं। विवि के अंतर्गत केवीके में लगभग 240 प्रजातियों के मुनगा की फसल तैयार की गई है। जिससे हर प्रजाति में पोशक तत्वों जैसे आयरन, प्रोटीन, विटामिन कैल्श्यिम, खनिज लवण, फोलिक एसिड आदि से भरपूर पाया जाता है।

पत्तियों में 92 पोषक तत्व

औषधीय गुण प्रचुर मात्रा में विद्यमान होते हैं। मुनगा की पत्तियों में पोषक तत्व उसके फल-फूल, तना एवं जड़ से अधिक पाए जाते हैं, इसलिए सभी फसलों की तुलना में मुनगा की पत्तियों में लगभग 92 पोषक तत्व पाए जाते हैं। केवीके प्रभारी बीएस असाटी ने बताया कि गाजर से 4 गुना ज्यादा विटामिन ए’, संतरे से 7 गुना विटामिन सी, पालक से 3 गुना आयरन, दूध से 4 गुना कैल्शियम, केला से 3 गुना पोटेशियम एवं बादाम से 3 गुना विटामिन ई पाया जाता है।

मार्केट में जल्द मिलेंगे मुनगा उत्पाद

– मुनगा के प्रोजेक्ट को मार्केट में उतारने के लिए तैयारी चल रही है। इसके लिए स्व सहायता समूहों को ट्रेनिंग देंगे। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। – डॉ. संजय पाटील, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विवि