Home छत्तीसगढ़ जमीन के अलावा पानी और हवा में भी चलती है ये कार...

जमीन के अलावा पानी और हवा में भी चलती है ये कार यकीन न हो तो खुद देख ले…

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कोरबा के होनहार छात्र विवेक शुक्ला के डिजाइन किए अनोखे ह्वीकल मॉडल की चर्चा इन दिनों अमेरिका में हो रही है। अमेरिका के नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने उसके कांसेप्ट की तारीफ करते हुए उसे फ्लोरिडा आने का बुलावा भेजा है। विवेक ने एक ऐसे वाहन की डिजाइन बनाकर नासा की वेबसाइट पर भेजी थी, जो जमीन ही नहीं, पानी और हवा में भी गमन कर सकती है। इस वाहन को उसने होवर कार का नाम दिया है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रामपुर में रहने वाले विनोद शुक्ला व उनकी पत्नी रजनी ने कभी नहीं सोचा होगा कि किताबों में खोया रहने वाले उनके होनहार पुत्र विवेक को कभी नासा से बुलावा भी आ सकता है।

पर यह सच है, निर्मला स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं विज्ञान के विद्यार्थी विवेक को उसकी अनोखी परिकल्पना के लिए शाबासी देते हुए नासा ने अमेरिका आने का निमंत्रण दिया है। दरअसल वर्ष 2020 में नासा का मंगल मिशन शुरू हो रहा है, जिसकी कामयाबी के लिए दुनियाभर से सुझाव मांगे गए थे।

इसमें ऐसे वैज्ञानिक सुझाव आमंत्रित किए गए थे, जो मिशन मंगल में इस्तेमाल कर बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके। ऑनलाइन जारी किए गए नासा के लिंक को देखकर विवेक ने भी अपना कांसेप्ट सबमिट किया था, जो नासा के वैज्ञानिकों को पसंद आ गया। यही वजह है जो अब विवेक को अमेरिका में आकर अपना कांसेप्ट दिखाने के साथ उसे नासा के मंगल मिशन की प्रक्रिया को नजदीक से रूबरू कराने का मौका दिया गया है।

अगले साल जुलाई में जाएगा फ्लोरिडा

फ्लोरिडा में 17 जुलाई से पांच अगस्त के बीच अमेरिका का मंगल मिशन एक्टिवेट होगा और उसका यान मंगल को कूच करेगा। इसी दरम्यान नासा ने विवेक को अपने फ्लोरिडा स्थित एयरफोर्स रिसर्च स्टेशन आने ऑनलाइन माध्यम से बोर्डिंग पास भी भेजा है। अब विवेक को वहां जाकर नासा की एयरोस्पेस तकनीक, कार्यप्रणाली और महत्वपूर्ण मंगल मिशन के बारे में जानने और समझने का सुनहरा अवसर मिल सकेगा। विवेक के पिता विनोद शुक्ला समाज कल्याण विभाग में कार्यरत रहे। माता-पिता अपने पुत्र की इस उपलब्धि पर चकित होने के साथ काफी प्रसन्न हैं।

एक करोड़ सबमिशन, भारत से 17 लाख

नासा ने मंगल मिशन के लिए दुनियाभर से सुझाव आमंत्रित किए थे। इसके लिए जारी लिंक के क्लोज होने के बाद दर्ज पंजीयन पर गौर करें तो कुल एक करोड़ नौ लाख 32 हजार 295 सबमिशन आए। इनमें केवल भारत से ही 17 लाख से ज्यादा लोगों ने अपने कांसेप्ट व सुझाव नासा से साझा करते हुए लिंक में सबमिट किए थे। कोरबा के होनहार छात्र विवेक का सबमिशन उसका होवर कार है, जो जल-थल और नभ में चलाया और उड़ाया जा सकता है। उसकी यह सफलता निश्चित तौर पर कोरबा के लिए गौरव का क्षण है।