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घर में ही बना रखा था हाइटेक ‘गांजा लैब’, छापा मारने पहुंची क्राइम ब्रांच के उड़े होश…

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मुंबई के चेम्बूर में क्राइम ब्रांच की टीम ने एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जब क्राइम ब्रांच की टीम छापामारी करने तस्कर के घर पहुंची तो उन्होंने वहां कुछ ऐसा देखा के वह भी हैरान रह गई। क्राइम ब्रांच टीम ने उक्त तस्कर के घर से हाइटेक गांजा लैब देखा। आरोपी घर में ही आधुनिक तरीके से विदेश से लाए बीजों से गांजा तैयार कर रहे थे और बड़े पैमाने पर स्टूडेंट्स उनके ग्राहक थे। क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी 26 साल के निखिल सतीश शर्मा को गिरफ्तार कर इस बड़े हाईटेक ‘गांजा लैब’ को सील कर दिया है।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक संभवत: यह पहला मामला है जब किसी घर में बनाए गए लैब में आधुनिक तरीके से गांजा तैयार करता हुआ पाया गया है। पुलिस ने इस मामले में 26 साल के आरोपी चेंबूर निवासी निखिल सतीश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि निखिल सतीश शर्मा और उनके दोस्तों ने इंटरनेट पर पढ़ा था कि घर पर मारिजुआना (गांजा ) कैसे उगाया जाता है। इसके बाद उन्होंने इसके लिए जरूरी सभी आवश्यक सामग्री और उपकरण खरीदे और घर पर ही गांजा लैब बना दिया।

सीनियर इंस्पेक्टर अशोक खोत ने कहा, ‘पुलिस ने एक किलोग्राम का पौधा और इसे उगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विभिन्न सामग्रियों को जब्त कर लिया है। यह शायद पहली बार है जब ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक घर में गांजे की खेती ऐसी उन्नत तकनीक से की जा रही है।’

एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया, ‘उन्होंने चीन से उपकरण और ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड से बीज खरीदे थे। इसके लिए जरिए गांजा प्राकृतिक रूप से उगाए गए पौधे की तुलना में अधिक मजबूत होता है। वे पिछले एक साल से ऐसा कर रहे हैं और उनके मुख्य ग्राहक कॉलेज के छात्र और चेंबूर के स्थानीय निवासी हैं।’ पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस प्रणाली के साथ गांजा उगाने में लगभग तीन महीने लगते हैं। वह इस गांजे को करीब 2,000 रुपये में में बेचते हैं जबकि सामान्य गांजा 50 रुपये में बेचा जाता है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) संतोष रस्तोगी के अनुसार, इंस्पेक्टर नितिन पाटिल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम शनिवार को चेंबूर, आरसीएफ और देवनार में गश्त पर थी। तभी उन्हें महुल गांव में बीपीसीएल कंपनी के पास एक संदिग्ध व्यक्ति एक बैग के साथ दिखा। जब वे उसके पास पहुंचे तो उसने भागने की कोशिश की। बाद में क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। उसकी पहचान निखिल सतीश शर्मा के रूप में की गई। उसके बैग की जांच करने पर हमें एक किलोग्राम गांजा और 54 ग्राम मेफेड्रोन मिला, जिसकी कुल कीमत 2.9 लाख रुपये थी। शर्मा के खिलाफ मादक पदार्थ, ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। वह 17 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में रहेगा

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में शर्मा ने खुलासा किया कि उन्होंने हाइटेक सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए एक दोस्त के घर पर गांजा उगाया। अशोक खोत ने कहा कि गांजा बनाने की कई आधुनिक सामग्रियां बरामद हुई हैं, जिनकी कीमत 6 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि शर्मा के दोस्त को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।